Neem Karoli Baba Kainchi Dham: हनुमान का मानते हैं अवतार, विराट कोहली, विदेशी कई हस्तियां हैं बाबा के भक्त
आज कैंची धाम का 59 वां स्थापना दिवस भव्य रुप से मनाया जा रहा है। कैंची धाम में साल भर भक्तों का तांता लगा रहता है लेकिन इस खास मौके पर यहां 2 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है।
Neem Karoli Baba Kainchi Dham आज कैंची धाम का 59 वां स्थापना दिवस भव्य रुप से मनाया जा रहा है। कैंची धाम में साल भर भक्तों का तांता लगा रहता है लेकिन इस खास मौके पर यहां 2 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है और विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया है।
कैंची धाम आश्रम के बाबा नीम करोली महाराज की ख्याति विदेशों तक है। मान्यता है कि यहां आने वाले हर भक्त की मुराद पूरी होती है और कोई खाली हाथ नहीं लौटता है। नीम करोली बाबा को उनके भक्त हनुमान जी का अवतार मानते हैं।

विराट कोहली ही नहीं फेसबुक से संस्थापक मार्क जुकरबर्ग और एपल के फाउंडर स्टीव जॉब्स भी उनके भक्त हैं। नीम करोली पहली बार 1961 में यहां आए थे और उन्होंने 1964 में कैंची धाम की स्थापना अपने मित्र पूर्णानंद के साथ मिलकर की थी। उत्तराखंड के नैनीताल से लगभग 65 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है 'कैंची धाम'।
बाबा की चमत्कारिक कहानियां प्रचलित
बाबा नीम करोली के बारे में कई चमत्कारिक कहानियां प्रचलित हैं। उनको मानने वाले कई घटनाएं बताते हैं। बताया जाता है कि एक बार उनके भंडारे में घी कम पड़ गया था। बाबा ने अपने भक्तों से शिप्रा नदी से पानी लाकर कड़ाही में डालने के लिए कहा और फिर उन्होंने इसे घी में बदल दिया था। बाबा नीम करोली के जीवन से जुड़ी चमत्कारिक घटनाओं के बारे में किताब भी लिखी गई है जिसका नाम 'मिराकल ऑफ लव' है।
मार्क जुकरबर्ग बाबा के बहुत बड़े भक्त
मार्क जुकरबर्ग ने नरेंद्र मोदी से बात करते हुए इस बात का जिक्र किया था कि वह बाबा नीम करोली के बहुत बड़े भक्त हैं। वह इनके आश्रम में भी रहने आये थे। फेसबुक के सीईओ मार्क जकरबर्ग भी नैनीताल स्थित बाबा नीम करोली के मंदिर में माथा टेकने गए थे। हालांकि तब तक बाबा का निधन हो चुका था। मार्क को बाबा नीम करोली के आश्रम जाने की सलाह स्टीव जॉब्स ने दी थी।
आश्रम में एपल का आइडिया आया
एप्पल के सीईओ स्टीव जॉब्स 1973 में भारत की यात्रा पर आए थे। कई असफलताओं के बाद जॉब्स ने सन्यास लेने के मन बना लिया था। वह नीम करोली बाबा के दर्शन करने पहुंचे थे, लेकिन बाबा देहांत हो चुका था। बताया जाता है स्टीव जॉब्स कुछ दिन आश्रम में रुके और ध्यान- योग किया। इसी दौरान उन्हें एपल का आइडिया आया। कैंची धाम ने उनकी सोच को बदल दिया था। हिंदू हॉलीवुड अभिनेत्री जूलिया रॉबर्ट्स भी मन की शांति के लिए नैनीताल स्थित बाबा नीम करौली के धाम की यात्रा कर चुकी हैं। 2010 में जूलिया को हिंदू धर्म में गहरी आस्था हो गई थी। जिसके बाद वह लॉस एंज्लिस स्थिति बाबा के मंदिर भी जाने लगी थीं।
17 वर्ष की आयु में ही ईश्वर का साक्षात्कार
कहा जाता है कि नीम करोली बाबा को 17 वर्ष की आयु में ही ईश्वर का साक्षात्कार हो गया था। वे बजरंगबली को अपना गुरु और आराध्य मानते थे। नीम करोली बाबा ने अपने जीवनकाल में करीब 108 हनुमान मंदिरों का निर्माण कराया। कैंची धाम की स्थापना बाबा ने साल 1964 में की थी। नीम करोली बाबा किसी से अपना पैर नहीं छुवाते थे, जो कोई भी भक्त बाबा के पैर छूने के लिए आगे बढ़ता था वो उसको रोक देते थे।
वास्तविक नाम लक्ष्मीनारायण शर्मा
बाबा नीम करोली का वास्तविक नाम लक्ष्मीनारायण शर्मा था बाबा नीम करोली का वास्तविक नाम लक्ष्मीनारायण शर्मा था। उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद के अकबरपुर गांव में उनका जन्म हुआ था। बताया जाता है कि सन् 1900 के आसपास उनका जन्म हुआ था। किशोरावस्था में ही उन्होंने घर-बार छोड़ दिया और साधु हो गए। फर्रुखाबाद के गांव नीम करौरी में साधनारत थे, तब उन्हें हनुमानजी के साक्षात दर्शन हुए। तब से बाबा का नाम नीम करौरी महाराज पड़ गया।।
बाबा के परिवार में दो बेटे और एक बेटी
बाबा के परिवार में दो बेटे और एक बेटी हैं उनका एक आश्रम कैंची नैनीताल में है तो दूसरा वृंदावन में है। कैंची धाम मंदिर भगवान हनुमान जी को समर्पित है। परिसर में बाबा नीम करोली को समर्पित मंदिर एवं प्रार्थना कक्ष भी है। बाबा नीम करौली महाराज के दो पुत्र और एक पुत्री है। ज्येष्ठ पुत्र अनेक सिंह अपने परिवार के साथ भोपाल में रहते हैं, जबकि कनिष्ठ पुत्र धर्म नारायण शर्मा वन विभाग में रेंजर के पद पर रहे हैं। बाबा नीम करौरी महाराज की पुत्री गिरजा देवी आगरा में रहती हैं। बाबा ने 11 सितंबर 1973 को लंबी बीमारी के बाद वृंदावन में अपना शरीर त्याग दिया था।












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