National Teacher Award 2025: जानिए कौन हैं मंजूबाला, नवाचार और अति दुर्गम स्कूल को बनाया पहला अंग्रेजी माध्यम
National Teacher Award 2025: उत्तराखंड के चंपावत जिले के छोटे से गांव च्यूरानी की मंजूबाला को शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। मंजूबाला को 5 सितंबर को राष्ट्रपति के हाथों सम्मानित किया जाएगा।
मंजू बाला राजकीय प्राथमिक विद्यालय च्यूरानी, बाराकोट की प्रधानाध्यापिका हैं। जो कि अति दुर्गम इलाके में आता है। साथ ही यह इलाका विस्थापन की मार भी झेल रहा है। स्कूल पहुंचने के लिए शिक्षकों को करीब ढाई किमी पैदल चलकर आना पड़ता है।

उन्होंने अपने स्कूल को मॉडल स्कूल बनाकर पहाड़ के एजुकेशन सिस्टम के लिए एक मिसाल पेश की है। मंजूबाला 2005 से इस स्कूल में कार्यरत हैं। साथ ही 2011 में उन्होंने स्कूल को जिले का पहला अंग्रेजी माध्यम स्कूल बनाया और दिनभर स्कूल चलाने के बाद इवनिंग में भी एक्सट्रा क्लास लेकर हिंदी, अंग्रेजी समेत कठिन विषयों की प्रैक्टिस कराती हैं।
मंजूबाला उत्तराखंड की एक मात्र शिक्षिका हैं, जिन्हें ये राष्ट्रीय पुरस्कार मिल रहा है। साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाली मंजूबाला ने जीवनभर बच्चों को बेहतर शिक्षा देने का सपना देखा और उसी सपने को साकार करने में जुट गईं। साल 2005 में डॉ. मंजूबाला ने अपनी पहली नियुक्ति प्राथमिक विद्यालय चांचड़ी में बतौर शिक्षिका शुरू की।
उन्होंने कम संसाधनों के बाद भी बच्चों को पढ़ाने के लिए न सिर्फ किताबों का सहारा लिया, बल्कि नवीन शिक्षण पद्धतियां, खेल, कहानियां और गतिविधियों के जरिए शिक्षा को रोचक बना दिया। जिसके लिए नवाचार किया। बाद में वह च्यूरानी प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका बनीं तो उन्होंने पूरे स्कूल का चेहरा बदल दिया। इसके लिए उन्होंने अभिभावकों से भी मदद ली। इस बीच कोविड-19 महामारी के समय में भी उन्होंने बच्चों की ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पढ़ाई को जारी रखा।
डॉ. मंजूबाला को अब तक मिले पुरस्कार
- शैलेश मटियानी राज्य शिक्षक पुरस्कार
- ईलू रौतेली पुरस्कार
- अनमोल रतन पुरस्कार
- आयरन लेडी पुरस्कार
- INDIAN ICON AWARD
- Teacher of the Year












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