नैनीताल की शत्रु संपत्ति मेट्रोपोल होटल परिसर बनेगा पार्किंग, जानिए क्या रहा पाकिस्तान से खास कनेक्शन
नैनीताल में साल भर पर्यटक घूमने फिरने के लिए पहुंचते हैं। लेकिन पार्किंग की सुविधा न होने की वजह से जाम की समस्या से हर कोई परेशान रहता है। इस बीच प्रशासन और सरकार की पहल पर अब पार्किंग की समस्या से निजात दिलाने की तैयारी है।
इसके लिए शत्रु संपत्ति मेट्रोपोल होटल परिसर को अस्थायी रूप से उत्तराखंड सरकार को आवंटित कर दिया गया है। भारत सरकार के गृह मंत्रालय की ओर से नैनीताल स्थित शत्रु संपत्ति मेट्रोपोल होटल परिसर को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, पार्किंग के रूप में उपयोग के लिए उत्तराखंड सरकार को आवंटित कर दिया गया है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र द्वारा इसकी जानकारी दी है। मुख्यमंत्री धामी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से नैनीताल में पार्किंग की गंभीर समस्या को देखते हुए शत्रु संपत्ति - मेट्रोपोल होटल परिसर के खुले स्थान को पार्किंग हेतु अस्थायी रूप से आवंटित करने का अनुरोध किया था।
मुख्यमंत्री के अनुरोध को स्वीकार करते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा नैनीताल स्थित शत्रु संपत्ति मेट्रोपोल होटल परिसर को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, पार्किंग के रूप में उपयोग के लिए उत्तराखंड सरकार को आवंटित कर दिया है। इस निर्णय से नैनीताल जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल में आने वाले पर्यटकों एवं स्थानीय नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी। पार्किंग की बढ़ती समस्या से निजात मिलने के साथ-साथ यातायात व्यवस्था में भी सुधार होगा।
इसकी पूरी संपत्ति पर पार्किंग बनी तो इसकी क्षमता डेढ़ हजार वाहनों से अधिक होगी। प्रशासन ने जो प्रस्ताव बनाया है उस हिसाब से मेट्रोपोल क्षेत्र में करीब 20 करोड़ की लागत से 500 चौपहिया और 200 दोपहिया वाहनों के लिए कार पार्किंग निर्माण होगा। मेट्रोपोल होटल परिसर को इसके मालिक के पाकिस्तान चले जाने के बाद 1960 में शत्रु संपत्ति घोषित कर दिया गया था।
इसे 1880 में अंग्रेजों ने बनाया था और देश की आजादी के समय महमूदाबाद के नवाब के पास इसका मालिकाना हक था। स्थानीय लोगों का दावा है कि मेट्रोपोल में ने अपने हनीमून के दौरान प्रवास किया था।मेट्रोपोल होटल को भारत पाक विभाजन के बाद साल 1965 में शत्रु संपत्ति घोषित किया गया और अब भी वह बंद है। जिन्ना अप्रैल, 1919 में नैनीताल आए थे। मेट्रोपोल होटल उस समय का प्रमुख होटल था, जिसमें देश विदेश कई प्रमुख लोग अक्सर रहने आते थे। देश का बंटवारा हुआ तो राजा महमूदाबाद पाकिस्तान चले गए थे। नैनीताल में राजा महमूदाबाद का 1.8 हेक्टेयर इलाके में मेट्रोपोल होटल था। इस होटल को शत्रु संपत्ति घोषित कर दिया गया था।












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