Lok sabha election 2024: भाजपा ने शुरू की मोर्चाबंदी, भट्ट बोले-जीत ऐसी हो कि वर्षों तक विरोधी खड़े न हो पाएं
लोकसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने अपने सभी मोर्चों को मैदान में उतारने के लिए तैयारी पूरी कर ली है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट एवं मुख्यमंत्री पुष्कर धामी की मौजूदगी में लोकसभा चुनावों के दृष्टिगत आज पार्टी संयुक्त मोर्चा प्रदेश पदाधिकारी बैठक संपन्न हुई। जिसमे भट्ट ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा, लोकसभा चुनाव में जीत इतनी प्रचंड होनी चाहिए कि वर्षों तक विरोधी खड़े नही हो पाएं।

कहा, हमारी सरकार ने राज्य निर्माण किया, विकास किया और मूल निवास एवं भू कानून जैसे विषयों पर भी जनता के पक्ष में निर्णय भाजपा ही लेगी । वहीं मुख्यमंत्री धामी ने कहा, हम सभी सौभाग्यशाली हैं जो श्री राम को सैकड़ों वर्षों के बाद अपने जन्मस्थान में विराजते देख रहे हैं और पीएम मोदी के नेतृत्व में देश में राम राज के प्रत्यक्षदर्शी बन रहे हैं। साथ ही भू कानून समेत तमाम मुद्दों पर विपक्षी भ्रम के जवाब में कहा, राज्यहित में ऐसे तमाम विषयों का समाधान भाजपा ने किया है, करती है और करेगी भी सिर्फ भाजपा।
आम चुनावों की तैयारियों को लेकर हुई पार्टी का यह महत्वपूर्ण बैठक राजधानी में आयोजित की गई। बैठक के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए भट्ट ने कहा, आगामी लोकसभा चुनाव में हमारा जीतना सौ फीसदी तय है । लेकिन हमारी चुनौती है वो प्रचंड जीत, जिसके बाद विपक्ष वर्षों तक ठीक से खड़े होने की स्थिति में नहीं रहे । उन्होंने कहा कि इस बार का चुनाव में पूरी तरह से मोर्चों पर आधारित होगा।
इस दौरान मुख्यमंत्री धामी ने सभी मोर्चा पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा, हमे जनता में जाकर भाजपा सरकारों के ट्रेक रिकॉर्ड को रखना है । साथ सरकार के कामों के साथ साथ विश्वास भी जगाना है कि शीघ्र ही यूसीसी, मूल निवास और सख्त भू कानून भी भाजपा सरकार में ही लेकर आएगी। सभी कार्यकर्ताओं को चुनावों के लिए पूरी तरह जुटना है और जीत के सभी सभी पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त करने हैं।
भट्ट ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय स्तर से मोर्चों के दृष्टिगत बहुत से महत्वपूर्ण कार्यक्रम हमे संचालित करने हैं। जिसमे सभी मोर्चों को संख्या की दृष्टि से बड़े आयोजन जिलों एवं मंडल स्तर तक हम सबको आयोजित करने हैं। युवा मोर्चा को 24 जनवरी को होने वाले युवा नव मतदाता सम्मेलन को वृहद स्वरूप में लिया जाए, जिसमे पीएम मोदी का वर्चुअल मार्गदर्शन सबको मिलने वाला है।
इसी तरह विगत वर्षों की तरह 26 जनवरी को मंडल स्तर तिरंगा यात्रा के तहत न्यूनतम 75 सवारों की बाइक रैली निकाली जाएगी । इसी तरह अनेक विभिन्न व्यवसायों और रोजगार से जुड़े उन तमाम युवाओं को पार्टी से जोड़ना है जो सरकार और संगठन के समर्थक हैं । इसी तरह युवा मोर्चा को मतदाताओं का ब्यौरा तैयार करना है, क्षेत्र के खिलाड़ियों को संगठित कर प्रतियोगिता भी आयोजित करना है, घर घर कमल का झंडा लगाने से लेकर सोशल मीडिया में पार्टी का माहौल तैयार करना है ।
वहीं महिला मोर्चा को भी लखपति दीदी महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों, एनजीओ के संवाद स्थापित कर बूथ स्तर पर महिलाओं को पार्टी के पक्ष में सक्रिय किया करना है। साथ ही श्री राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के दिन सभी मंदिरों में राम कीर्तन का आयोजन करना है । एससी और एसटी मोर्चों को हाल में किए अपने वर्गों के सम्मेलन की श्रंखला को नीचे तक ले जाना है और इसमें शामिल लोगों से लगातार संपर्क बनाए रखना है। साथ ही बस्ती संपर्क अभियान से छूटी हुई बस्तियों में पहुंचना है, अपने वर्गों के मेघावी छात्र छात्राओं और उनके परिवारों को सम्मानित करना है और संस्कृति पहनावे, खानपान एवं लोककला को लेकर कार्यक्रम करने हैं।
ओबीसी मोर्चे को अपने समाज के अलग अलग वर्गों और युवाओं के कार्यक्रम करने हैं, अल्पसंख्यक मोर्चों को नमो मित्र अभियान से अधिक लोगों को जोड़ना है, अल्पसंख्यक बहिनों से 3 तलाक कानून के फायदे को लेकर संवाद स्थापित करना है, स्नेह संवाद से लेकर मोदी भाई जान जैसे कार्यक्रमों को आगे बढ़ाना है।
वहीं किसान मोर्चा को ग्रामीण संपर्क अभियान, प्राकृतिक खेती के उपयोग एवं कृषि यंत्रों पर सब्सिडी से संबंधित गोष्ठी, किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों के सम्मेलन आदि ऐसे तमाम कार्यक्रमों को मंडल स्तर पर आयोजित करना है। बैठक में युवा मोर्चा, महिला मोर्चा, एससी मोर्चा, एसटी मोर्चा, ओबीसी मोर्चा, किसान मोर्चा एवं अल्पसंख्यक मोर्चे के प्रदेश प्रभारी, प्रदेश पदाधिकारी और जिला अध्यक्षों ने सहभागिता की ।












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