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Lakhpati Didi Scheme उत्तरकाशी की केदारी राणा की बागवानी से "लखपति दीदी" बनने की सक्सेस कहानी

Lakhpati Didi Scheme उत्तराखंड में धामी सरकार की योजनाओं से महिलाएं आत्मनिर्भर बनने के साथ ही दूसरों को भी रोजगार देने में पूरा सहयोग कर रही हैं। जिससे कई महिलाएं प्रदेश की आर्थिकी में अपना योगदान भी दे रही हैं। ऐसी महिलाएं पहाड़ की लखपति दीदी योजना के जरिए सबके लिए प्रेरणादायक बन गई हैं।

जिनकी कहानी सबके लिए मिसाल बन गई हैं। ऐसी ही एक कहानी है उत्तरकाशी जिले के नौगाँव ब्लॉक की केदारी राणा की। जो कि"लखपति दीदी" योजना के जरिए आत्मनिर्भर बनने के साथ ही दूसरों के लिए रोजगार देने में भी अहम भूमिका निभा रही हैं।

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केदारी राणा पहाड़ की आम महिला की तरह जीवन यापन करती थी। किसी के सामने बोलने में भी हिचकिचाना और अपनी बात न रख पाने के कारण, उनके लिए ये सब बहुत मुश्किल थी। लेकिन समय के साथ उन्होंने खुद को बदला। सबसे पहले नेशनल रूरल लाइवलीहुड मिशन (NRLM) के तहत 'राणा एप्पल गार्डन स्वयं सहायता समूह' की सदस्यता ली। उन्होंने अपने समूह से ₹50,000 रिवॉल्विंग फंड और ₹50,000 कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड के रूप में ऋण लिया।

इस राशि से उन्होंने 'स्पर्श' किस्म के लगभग 1,200 सेब के पेड़ों का बाग तैयार किया। वर्तमान में उनका बाग सालाना कम से कम 300 बॉक्स सेब का उत्पादन करता है, जिससे उनकी वार्षिक आय ₹3 लाख तक पहुँच गई है। केदारी राणा ने अब तक 30 नए स्वयं सहायता समूहों के गठन में सक्रिय भूमिका निभाई है, जिससे अन्य महिलाएं भी आर्थिक रूप से स्वतंत्र हो रही हैं। केदारी राणा ने 'राणा एप्पल गार्डन स्वयं सहायता समूह' के माध्यम से ₹1 लाख का ऋण (रिवॉल्विंग और कम्युनिटी निवेश फंड) लेकर 1,200 सेब के पेड़ (स्पर्श किस्म) लगाए हैं।

आज वे सालाना लगभग 300 बॉक्स सेब का उत्पादन कर ₹3 लाख तक की आय अर्जित कर रही हैं। वह न केवल स्वयं सफल हुई हैं, बल्कि उन्होंने अब तक 30 नए स्वयं सहायता समूहों के गठन में सक्रिय भूमिका निभाई है, जिससे सैकड़ों अन्य ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया है। केदारी राणा की इस प्रेरक यात्रा को केंद्र सरकार के आधिकारिक लखपति दीदी पोर्टल और 'वॉल ऑफ फेम' पर विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया है।

उत्तराखंड में अब तक 1.65 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। केदारी राणा जैसी महिलाओं की सफलता को देखते हुए सरकार ने अब राज्य में और सवा लाख महिलाओं को इस श्रेणी में लाने का लक्ष्य रखा है। केदारी राणा की कहानी उत्तराखंड की कई ऐसी महिलाओं की कहानी है, जो कि पहाड़ में भी अपनी सफलता का रास्ता तैयार कर रही है। कम संसाधन लेकिन सपना कुछ करने का और दूसरों को भी लेकर आगे बढ़ने का।

How Apply Lakhpati Didi Yojana:

पात्रता: ग्रामीण महिला, SHG सदस्य; परिवार की सालाना आय 1 लाख से कम।

आवेदन: SHG के जरिए व्यवसाय योजना तैयार कर स्थानीय NRLM कार्यालय या जिला विकास अधिकारी को जमा करें। ऑनलाइन जानकारी के लिए lakhpatididi.gov.in पर जाएं। आधार, बैंक खाता और योजना प्रस्ताव जरूरी।

लोन: 1-5 लाख ब्याज-मुक्त, व्यवसाय शुरू/विस्तार के लिए। राज्य स्तर पर अतिरिक्त सब्सिडी भी।

सुझाव: अपने SHG या जिला पोर्टल से संपर्क करें- उत्तराखंड में धामी सरकार का सहयोग हमेशा उपलब्ध है।
ध्यान दें, 'लखपति' बनना सिर्फ नाम नहीं- यह स्थायी आय का प्रमाण है, जो चार फसल चक्र या बिजनेस साइकिल में टिके।

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