लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा का उत्तराखंड में भी व्यापक असर, हरीश रावत ने समर्थकों के साथ दी गिरफ्तारी
यूपी में हुई हिंसा को लेकर उत्तराखंड में कई जगहों पर हिंसा के खिलाफ प्रदर्शन
देहरादून, 4 अक्टूबर। लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा को लेकर उत्तराखंड में भी सियासत गर्मा गई है। कांग्रेस नेता और पूर्व सीएम हरीश रावत ने पहले घटना को लेकर मौन उपवास रखकर अपना विरोध दर्ज कराया। बाद में देहरादून स्थित एसएसपी कार्यालय में घटना के खिलाफ अपने समर्थकों के साथ गिरफ्तारी दी है। यूपी में हुई हिंसा को लेकर उत्तराखंड में कई जगहों पर हिंसा के खिलाफ प्रदर्शन हुआ है। इधर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में हुई घटना को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए लोगों से संयम रखने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना बहुत ही दुखद है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा इसे बहुत ही गम्भीरता से लेते हुए जांच की जा रही है।

हरीश रावत ने दी गिरफ्तारी
लखीमपुर खीरी में किसानों की मौत को लेकर कांग्रेस पूरे प्रदेश भर में विरोध और आंदोलन कर रही है। कांग्रेस की और से पूर्व सीएम हरीश रावत ने घटना के विरोध में देहरादून स्थित एसएसपी कार्यालय में 40 से ज्यादा कार्यकर्ताओं के साथ गिरफ्तारी दी। हरीश रावत ने केन्द्र सरकार और राज्य सरकार दोनों पर जमकर प्रहार किया। हरीश रावत ने कहा कि केन्द्र सरकार लोकतंत्र की आवाज को दबाना चाहती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कांग्रेस और विपक्ष के नेताओं को लखीमपुर खारी में जाने से रोक रही है। जो कि तानाशाही है। हरीश रावत ने कहा कि प्रियंका गाधी के नेतृत्व में आंदोलन चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनका ये आक्रोश जारी रहेगा। उन्होंने राज्य सरकार,केन्द्रीय मंत्री को बर्खास्त करने की मांग की साथ ही आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है।

कांग्रेस किसानों के साथ
इससे पहले हरीश रावत ने इस घटना के खिलाफ नौ से दस बजे तक मौन उपवास किया। हरीश रावत ने कहा कि लखीमपुरखीरी में किसानविरोधी काले कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों के ऊपर गाड़ी चढ़ाकर कुचल कर मान देना और उन पर गोलियां चलाना एक अत्यधिक गंभीर वीभत्स और चिंताजनक घटना है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को कुचलने वाला कोई और नहीं बल्कि भारत सरकार के मंत्री का बेटा है। किसान कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सत्ता के अंहकार में डूबी भाजपा सरकार को कुछ सुनाई नहीं दे रहा है। अब किसान आवाज उठा रहे हैं तो उनके ऊपर सत्ता अपनी गाड़ियां चढ़ाकर के उनको कुचल रही है। रावत ने केंद्र और यूपी सरकार को चेताते हुए कहा कि वो एक बात हमेशा याद रखें कि भारत का किसान आत्मबल का धनी किसान है। वो प्राण देगा मगर झुकेगा नहीं। कांग्रेस पूरी तरह से किसानों के संघर्ष के साथ खड़ी है।

सीएम ने की अपील, गंभीरता से हो रही जांच, धैर्य बनाएं रखें
कांग्रेस पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उत्तराखंड के हर जिले में इस घटना को लेकर विरोध प्रदर्शन किया है। हरिद्वार, यूएसनगर, टिहरी, देहरादून में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने घटना के विरोध में जमकर प्रदर्शन किया है। इधर राज्य सरकार ने भी इस पूरे मामले में अपील जारी कर सभी को धैर्य रखने को कहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में हुई घटना को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए लोगों से संयम रखने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना बहुत ही दुखद है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा इसे बहुत ही गम्भीरता से लेते हुए जांच की जा रही है। सभी को धैर्य रखने की आवश्यकता है












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