हरिद्वार में 5 दिन में 1701 कोरोना केस मिले, कुंभ मेले की अवधि घटाने को लेकर DM दीपक रावत ने दिया ये बयान
हरिद्वार में 5 दिन में 1701 कोरोना केस मिले, कुंभ मेले की अवधि घटाने को लेकर DM दीपक रावत ने दिया ये बयान
हरिद्वार: कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच सोशल मीडिया और मीडिया रिपोर्टों में इस बात को लेकर दावा किया जा रहा था कि हरिद्वार कुंभ मेले की अवधि घटाई जाएगी। इस पूरे मामले पर हरिद्वार के डीएम और कुंभ मेला अधिकारी दीपक रावत ने कहा है कि हरिद्वार कुंभ मेला निर्धारित अवधि, यानी 30 अप्रैल तक चलने वाला है। कुंभ मेला अवधि को घटाने को लेकर फिलहाल कोई सूचना नहीं है। उत्तराखंड की सरकार ने भी कुंभ मेला अवधि में किसी भी तरह के फेरबदल की चर्चा से इनकार किया है। राज्य सरकार का कहना है कि सोशल मीडिया पर चल रही खबरें गलत है। कुंभ मेले की अवधि घटाने को लेकर कोई योजना फिलहाल नहीं है। इस बीच न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, पिछले पांच दिनों (10 से 14 अप्रैल) में हरिद्वार में कोरोना वायरस के 1701 नए मामले सामने आए हैं। वहीं बीते 48 घंटे में 1 हजार कोरोना मामले मिले हैं।
Recommended Video

हरिद्वार के डीएम और कुंभ मेला अधिकारी दीपक रावत ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा, ''कुंभ मेला जनवरी में शुरू होने वाला था। लेकिन कोविड-19 की स्थिति को देखते हुए, राज्य सरकार ने अप्रैल में शुरू करने का फैसला किया है। अगर हम केंद्र के दिशानिर्देशों को मानें तो उनका कहना है कि स्थिति के मद्देनजर कुंभ मेले की अवधि को कम किया जाना चाहिए। लेकिन मुझे फिलहाल ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली है, अगर कुंभ मेला बंद हो रहा है तो।''
इससे पहले बुधवार (14 अप्रैल) को उत्तराखंड सरकार और धर्मगुरुओं के बीच एक बैठक हुई थी, जिसमें कुंभ मेले की अवधि घटाने की खबरों को लेकर चर्चा की गई थी। बैठक के बाद अधिकारियों ने कहा है कि चर्चा के दौरान हरिद्वार कुंभ मेले की अवधि घटाने की कोई योजना नहीं बनाई गई है। कुंभ का आयोजन निर्बाध रूप से जारी रहेगा।
हरिद्वार में हर दिन 50 हजार कोविड टेस्ट कर पाने में सरकार असमर्थ
31 मार्च 2021 को हरिद्वार कुंभ में कोरोना टेस्ट को लेकर हाई कोर्ट ने आदेश दिया था कि हर दिन कुंभ मेले में हर दिन 50 हजार टेस्ट कोविड-19 टेस्ट करने होंगे। सरकार ने हाई कोर्ट में अब एक आचिका देकर कहा है कि कुंभ क्षेत्र में 50 हजार कोरोना टेस्ट करने में हम असमर्थ हैं। राज्य सरकार ने हाई कोर्ट को लिखे प्रार्थना पत्र में कहा है कि 31 मार्च को दिए गए अपने आदेश में बदलाव करें।
स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी की ओर से दिए इस प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि सरकार केंद्र सरकार द्वारा दी गई एसओपी का पालन कर रही है और कोरोना लक्षण वाले श्रद्धालुओं का कोविड टेस्ट भी करा रही है। लेकिन हरिद्वार में श्रद्धालुओं की भीड़ बाहर से आ रही है, ऐसे में RTPCR टेस्ट करना संभव नहीं है...क्योंकि इस टेस्ट की रिपोर्ट कुछ दिनों बाद आती है। सरकार ने कहा है कि उनकी क्षमता 25 हजार रोजाना टेस्ट करने की है। सरकार ने हाई कोर्ट से 50 हजार टेस्ट में छूट देने की मांग की है।












Click it and Unblock the Notifications