जानिए क्या होती है गेठी, जिसे पूर्व सीएम Harish rawat ने आलू की जगह समोसे में डालने की कही बात और क्यों
Harish rawat: पूर्व सीएम और कांग्रेस के दिग्गज नेता हरीश रावत ने समोसे में आलू की जगह गेठी को डालने की सलाह दी है। हरीश रावत का कहना है कि इससे समोसे और बेहतर होंगे साथ ही स्वास्थ्यवर्धक भी होंगे। हरीश रावत का ये बयान मीडिया में बीते दिनों से चल रही उस रिपोर्ट को लेकर दिया गया है जिसमें समोसा खाना स्वास्थ्य के लिए ठीक न होने की बात की गई।
पूर्व सीएम हरीश रावत ने इस पर सोशल मीडिया के जरिए कहा कि ये गेठी उत्पादकों के लिए बड़ी खुशखबरी है। हरदा ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की समोसे पर नजर पड़ गई है उन्होंने कहा कि समोसा खाना स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है।

समोसा जरूर चलेगा, लेकिन गेठी का
हरीश रावत ने कहा कि शायद हो सकता है राज्य सरकार के लोगों ने उन्हें समोसे तलते हुए देख लिया है तो उन्होंने अब समोसे को यह कह दिया है कि यह हाइजीनिक नहीं है, स्वास्थ्यवर्धक नहीं है। हरीश रावत ने कहा कि उन्होंने ये भी तय किया है कि समोसा जरूर चलेगा, लेकिन अब समोसे के अंदर मैं समोसा बनाने वाले लोगों से कहूंगा कि समोसे में आलू न डालें, गेठी खरीदें, वह आलू की तरीके से होती है, गेठी को समोसे में डालें, उसके समोसे और बेहतर होंगे तथा स्वास्थ्यवर्धक होंगे।
गेठी पहाड़ों में सब्जी के साथ औषधि भी
गेठी पहाड़ों में सब्जी के साथ औषधि के रूप में इस्तेमाल की जाती है। गेठी को अंग्रेजी में एयर पोटैटो कहा जाता है। इसकी सब्जी खाने में स्वादिष्ट तो है ही, साथ ही यह हेल्थ के लिए भी फायदेमंद है। गेठी में अधिक मात्रा में औषधीय गुण पाए जाते हैं। सर्दियों के मौसम में पहाड़ में गेठी की सब्जी सबसे अधिक खाई जाती है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि गेठी कई बिमारियों का रामबाण इलाज है। गेठी में कॉपर, आयरन, पोटैशियम और मैग्नीज जैसे तत्व पाए जाते हैं। इसके सेवन से कैंसर और गठिया जैसी बिमारियों में भी फायदा होने का दावा किया जाता है। गेठी में विटामिन बी भी प्रचुर मात्रा में होता है। पोषक तत्वों और एंटी ऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर ये सब्जी कैंसर जैसी बीमारियों का भी इलाज है।












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