Kedarnath rescue: रेस्क्यू कार्य और पुल बनाने में सेना की मदद, ड्रोन और रोप रेस्क्यू से SDRF ने ऐसे बचाई जान
Kedarnath rescue केदारघाटी में रेस्क्यू अभियान चौथे दिन भी जारी है। 31 जुलाई की रात को केदारघाटी में बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है।
हजारों यात्री विभिन्न मार्गों में फंस गए। अब तक 7 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को रेस्क्यू किया जा चुका है। रेस्क्यू कार्यों में तेजी लाने के लिए सेना की भी मदद ली जा रही है।

6 ग्रेनेडियर यूनिट रास्तों को पुनर्स्थापित करने और बेली ब्रिज बनाने के अलावा सर्च ऑपरेशन में भी मदद करेगी। सोनप्रयाग से गौरीकुंड के बीच वाश आउट हुए मार्ग पर ब्रिज बनाया जा रहा है।
दो लोगों की जान बचाई
इस बीच एसडीआरएफ ने एक असाधारण् रेस्क्यू कर दो लोगों की जान बचाई है। एसडीआरएफ से मिली जानकारी के अनुसार सोनप्रयाग कोतवाली से सूचना प्राप्त हुई कि 11 श्रद्धालु त्रिजुगीनारायण से ऊपर 08 किलोमीटर की दूरी पर जंगल में भटक गए हैं। उनके पास खाने-पीने का सामान समाप्त हो चुका था, उन्हें तत्काल मदद की आवश्यकता है। एसडीआरएफ की टीम 13 किलोमीटर के सड़क मार्ग से त्रिजुगीनारायण के लिए रवाना हुई।
5 किमी की पैदल चढ़ाई
त्रिजुगीनारायण पहुंचने के बाद, एसडीआरएफ की टीम, जिसमें 06 बहादुर जवान शामिल थे, एसआई जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में स्थानीय लोगों की साथ 05 किलोमीटर की दुर्गम चढ़ाई चढ़कर सोन नदी के किनारे पहुंचे। सोन नदी अपने सबसे तेज प्रभाव में बह रही थी। 11 में से 09 श्रद्धालु सकुशल वापस आ चुके हैं, लेकिन 02 लोग अब भी फंसे हुए हैं।
ड्रोन देखकर लगाई आवाज
एसडीआरएफ की टीम ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से ड्रोन का उपयोग कर सोन नदी के दूसरी ओर जंगल की सर्चिंग शुरू की। ड्रोन को ऊपर देख चट्टान पर बैठे दोनों युवकों ने आवाज लगाई। एसडीआरएफ की टीम ने सिटी बजाकर दोनो युवकों, जो खड़ी चट्टान के ऊपर खड़े थे। जहां से उनके लिए उनके नीचे उतरना असंभव थ।
दिल्ली के रहने वाले हैं दोनों युवक
दोनों युवकों, अंकित पुत्र फाजिल मंडल और सुनील पुत्र महेश सिंह, जो सरिता विहार, दिल्ली के निवासी हैं, की स्थिति अत्यंत गंभीर थी। 31 जुलाई को बादल फटने के बाद वे गौरीकुंड में फंस गए थे। स्थानीय लोगों के कहने पर वे गौरीकुंड त्रिजुगी नारायण तोशी मार्ग पर चल दिए। उनकी संख्या 13 के करीब हो गई थी, लेकिन उनमें से कुछ लोग वापस चले गए और 09 सकुशल सोनप्रयाग पहुंच गए। ये दोनों युवक थकान और बिना खाने-पीने के कारण धीमे-धीमे आगे बढ़ रहे थे और अपने साथियों से बिछड़ गए। अपने को अकेला पाते हुए, उन्होंने तुरंत सोनप्रयाग कोतवाली को अपने फंसने की सूचना दी।
रोप रेस्क्यू किया
एसडीआरएफ की टीम ने रोप रेस्क्यू की मदद से विकराल नदी को पार किया और खड़ी चट्टान से दोनों युवकों को सुरक्षित नीचे उतारा। इसके बाद, एसडीआरएफ की टीम ने उन दोनों युवकों को सुरक्षित सोनप्रयाग कोतवाली पहुंचाया।
5 हजार से अधिक रेस्क्यू
पुलिस महानिरीक्षक, एसडीआरएफ रिधिम अग्रवाल द्वारा श्री केदारनाथ यात्रा मार्ग में 5000 से अधिक यात्रियों को व तोशी त्रिजुगीनारायण में इन युवकों को कठिन परिस्थितियों में रेस्क्यू करने पर सराहना करते हुए लगातार अन्य श्रद्धालुओं की मदद करने के निर्देश दिए गए हैं।












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