KEDARNATH RESCUE: पांच हैलिकाप्टर तैनात,चिनूक और एमआई-17 भी रेस्क्यू में जुटा,पीएमओ कर रहा मॉनिटरिंग
KEDARNATH RESCUE: उत्तराखंड में बीते 31 जुलाई को अतिवृष्टि से हुए नुकसान के बाद राहत और बचाव कार्य तेज जारी है। केदारघाटी में बादल फटने से काफी नुकसान हुआ है।
इसके साथ ही जगह-जगह यात्री फंसे हुए हैं। आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि भारी बारिश के बाद केंदारनाथ मार्ग कई जगह बाधित चल रहा है।

जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं भीमबली और लिंचौली से 700 लोगों का रेस्क्यू किया गया है। इसके अलावा गौरीकुंड से भी पैदल लोगों को निकाला जा रहा है। उन्होने बताया कि भीमबली और लिंचौली में पांच हैलिकाप्टर तैनात किये गये हैं। इसके अलावा केंद्र सरकार के सहयोग से रेस्क्यू आपरेशन के लिए चिनूक और एमआई 17 भी लगाया गया है।
एमआई-17 की मदद से 15 लोगों का रेस्क्यू केदारनाथ से किया गया है। उन्होने बताया कि केदारनाथ में मौसम खराब होने के चलते रेस्क्यू आपरेशन केदारनाथ में बंद है बाकि अन्य स्थानों पर राहत एवं बचाव कार्य गतिमान है।
बता दें कि 31 जुलाई की रात को केदारघाटी में बादल फटने के बाद से यात्रा मार्ग बंद है। चार धाम यात्रा को सरकार ने फिलहाल स्थगित करते हुए यात्रियों से यात्रा न करने की अपील की। 1 जुलाई को केदारनाथ यात्रा मार्ग में फंसे यात्रियों को एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, डीडीआरएफ, जिला पुलिस और प्रशासन के समन्वय से सुरक्षित निकाला गया।
केदारनाथ यात्रा मार्ग पर भीमबली, रामबाड़ा और लिंचोली में फंसे करीब 425 यात्रियों को एयरलिफ्ट किया गया है। इसके अलावा पैदल यात्रा मार्ग में सोनप्रयाग और भीमबली के बीच फंसे 1100 यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग बनाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग पर कई जगह भूस्खलन होने से यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए केदारनाथ यात्रा फिलहाल रोक दी गई है।
भारी बारिश और आपदा से उत्पन्न स्थिति पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी नजर रखे हुए हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय ने पूरे मामले की जानकारी ली। जिसके बाद रेस्क्यू के लिए एयर फोर्स का चिनूक, एमआई 17 रवाना तीन टैंकर ATF की मदद भी भेजी गई है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा ने भी स्थिति की जानकारी ली है।












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