Kedarnath by election: पूर्व सीएम हरीश रावत के बयान से मचा घमासान,भाजपा और सरकार के लिए कह दी बड़ी बात
केदारनाथ उपचुनाव को लेकर सियासी घमासान जारी है। भाजपा, कांग्रेस दोनों ही इस चुनाव को हर हाल में जीतने के लिए पूरा जोर लगा रहे हैं। भाजपा केदारनाथ उपचुनाव जीतकर बदरीनाथ हार का बदला लेने और धामी सरकार को स्थिर करने के लिए इस चुनाव को जीतना चाहेगी।
तो वहीं कांग्रेस भाजपा को हराकर सरकार पर मानसिक दबाव और मजबूत विपक्ष बनाने की कोशिश में जुटी है। इस बीच केदारनाथ को लेकर बयानबाजी भी शुरू हो गई है। जिसमें पूर्व सीएम हरीश रावत के बयान ने सियासत गरमा दी है।

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि केदारनाथ उपचुनाव में बीजेपी की दो टीमें काम कर रही है। एक टीम उपचुनाव को जिताना चाहती है तो दूसरी टीम उप चुनाव को हराना चाहती है, ताकि प्रदेश में राजनीतिक भूचाल लाया जा सके। पूर्व सीएम हरीश रावत के इस बयान के सियासी मायने तलाशे जा रहे हैं। पूर्व सीएम हरीश रावत कांग्रेस प्रत्याशी मनोज रावत को जीताने के लिए पूरा जोर लगा रहे हैं।
हरीश रावत ने केदारघाटी में प्रचार का जिम्मा संभाला हुआ है। मनोज रावत हरीश रावत के करीबियों में माने जाते हैं। उनको टिकट दिलाने में हरदा की ही भूमिका मानी जाती है। ऐसे में हरीश रावत हर तरह से भाजपा पर दबाव बना रहे हैं। भाजपा के लिए हर हाल में केदारनाथ उपचुनाव जीतने का प्रेशर है।
दरअसल बदरीनाथ सीट हारने के बाद भाजपा पर जीत का मनोवैज्ञानिक प्रेशर बना हुआ है। विपक्ष ने पहले अयोध्या फिर बदरीनाथ सीट हारने पर भाजपा पर दबाव बनाया हुआ है। साथ ही सीएम धामी के लिए भी ये चुनाव काफी अहम माना जा रहा है। सीएम धामी अगर जीत जाएंगे तो अपने राजनीतिक प्रतिद्वंदियों से आगे निकल जाएंगे और हार गए तो ऐसे लोगों को फिर से दबाव बनाने का मौका मिल जाएगा। ऐसे में हरीश रावत के इस बयान के सियासी मायने तलाशने शुरू हो गए हैं और जिस तरह का उत्तराखंड का इतिहास है, उस हिसाब से सियासी उठापटक कभी भी संभव है।












Click it and Unblock the Notifications