Joshimath sinking update: धामी सरकार को इस रिपोर्ट का है इंतजार, जोशीमठ शहर का भविष्य करेगी तय
जोशीमठ में दरारें और धंसाव का अध्ययन करने के लिए 8 एजेंसियां काम कर रही हैं। लेकिन सभी अपनी रिपोर्ट एनडीएमए को सौंपेंगे। इसके बाद ही सरकार आगे निर्णय लेगी।

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) की फाइनल रिपोर्ट से ही जोशीमठ शहर का भविष्य तय होगा। जोशीमठ में दरारें और धंसाव का अध्ययन करने के लिए 8 एजेंसियां काम कर रही हैं। लेकिन सभी अपनी रिपोर्ट एनडीएमए को सौंपेंगे। इसके बाद ही सरकार आगे निर्णय लेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक निजी चैनल के कार्यक्रम में बातचीत के दौरान ये बात कही है।

8 एजेंसियां यहां काम कर रही हैं
जोशीमठ भूधंसाव प्रभावित क्षेत्र का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जोशीमठ शहर जनपद चमोली का तहसील मुख्यालय, बद्रीनाथ जी का शीतकालीन निवास स्थान है, तथा सामरिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण स्थान है। वे स्वयं वहां 03 दिन रहे, सरकार का सबसे पहला प्रयास प्रभावितों को सुरक्षित स्थान पर ले जाना था। अंतरिम, तत्काल मदद के रूप में डेढ़ लाख रूपये, 200 से भी ज्यादा परिवारों को दिया जा चुका है। प्रभावितों के पुनर्वास और सेटलमेंट के लिए काम कर रहे हैं, प्रधानमंत्री, गृह मंत्री भी लगातार इस नजर बनाये हुए हैं। 8 एजेंसियां यहां काम कर रही हैं।

उत्तराखण्ड पूर्णतः सुरक्षित
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा उत्तराखंड के अन्य शहरों की धारण क्षमता का भी आंकलन किया जायेगा अगर उनमें क्षमता से ज्यादा निर्माण हो चुका हो तो उसको धीमा कराने का कार्य किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड पूर्णतः सुरक्षित है। यह भ्रम अनावश्यक रूप से फैलाया जा रहा है उत्तराखण्ड असुरक्षित है। केवल जोशीमठ का कुछ ही क्षेत्र भूधंसाव से प्रभावित है। हमारा प्रयास आगामी चारधाम यात्रा को और बेहतर ढंग से संचालित करने का है। इसके लिये तैयारियां की जा रही हैं। उत्तराखण्ड पूर्णतः सुरक्षित है। यह संदेश देश दुनिया में जाना चाहिए।

जोशीमठ पालिका क्षेत्र में 18 प्रसूता महिलाएं, राहत शिविरों में नहीं
उधर सचिव आपदा प्रबन्धन डा0 रंजीत कुमार सिन्हा ने शुक्रवार को जोशीमठ नगर क्षेत्र में हो रहे भू-धंसाव एवं भूस्खलन की डेली रिपोर्ट में कहा कि जोशीमठ में अग्रिम राहत के तौर पर 3.27 करोड़ रूपये से अधिक की धनराशि 218 प्रभावित परिवारों को वितरित की गई है। इसके अतिरिक्त प्रभावित 08 किरायेदारों को भी 50 हजार रूपये प्रति परिवार के हिसाब से 04 लाख रूपये की धनराशि तत्काल सहायता के रूप में आवंटित की गयी है। जोशीमठ के नगर पालिका क्षेत्र में 18 प्रसूता महिलाएं है, जो वर्तमान में राहत शिविरों में नहीं है। यह प्रसूता महिलाएं स्वयं के आवासों में रह रही हैं। जिनका निरन्तर स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है।

जोशीमठ में पानी का डिस्चार्ज 250 एल.पी.एम
राहत शिविरों में 10 वर्ष से कम आयु के 81 बच्चे हैं, जिनका स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। डा0 सिन्हा ने बताया कि जोशीमठ में विभिन्न तकनीकी संस्थानों द्वारा किये जा रहे सर्वेक्षण एवं अध्ययन कार्य निरन्तर जारी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज पुनः जोशीमठ के आपदा प्रबन्धन कार्यों के सम्बन्ध में बैठक ली। सचिव आपदा प्रबन्धन ने जानकारी दी कि जोशीमठ में पानी का डिस्चार्ज 250 एल.पी.एम है। अस्थायी रूप से चिन्हित राहत शिविरों में जोशीमठ में कुल 650 कक्ष हैं जिनकी क्षमता 2919 लोगों की है तथा पीपलकोटी में 491 कक्ष हैं जिनकी क्षमता 2205 लोगों की है।
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विस्थापित परिवार के सदस्यों की संख्या 900 है
जोशीमठ में राहत शिविरों में कक्षों की संख्या 615 से बढ़ाकर 650 कर दी गई है। अभी तक 863 भवनों में दरारें दृष्टिगत हुई है। सर्वेक्षण का कार्य गतिमान है। उन्होंने जानकारी दी कि गांधीनगर में 01, सिंहधार में 02, मनोहरबाग में 05, सुनील में 07 क्षेत्र / वार्ड असुरक्षित घोषित किए गए हैं। 181 भवन असुरक्षित क्षेत्र में स्थित है। 269 परिवार सुरक्षा के दृष्टिगत अस्थायी रूप से विस्थापित किये गये हैं। विस्थापित परिवार के सदस्यों की संख्या 900 है।












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