'मुझे केंद्र और राज्य सरकार से बहुत तकलीफ है...', जोशीमठ के गिराए जाने वाले होटल के मालिक का छलका दर्द
जोशीमठ में जिन होटलों और मकानों में अधिक दरारें हैं, उन्हें आज से गिराने का काम शुरू कर दिया जाएगा। प्रशासन द्वारा असुरक्षित जोन घोषित क्षेत्रों को खाली करा लिया गया है।

Joshimath sinking: उत्तराखंड के चमोली के जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने मंगलवार को कहा कि केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीबीआरआई) रुड़की के विशेषज्ञों की टीम की निगरानी में जोशीमठ शहर में असुरक्षित चिन्हित भवनों को वैज्ञानिक तरीके से तोड़ा जाएगा। जिला प्रशासन भूस्खलन से प्रभावित बड़े होटलों को ध्वस्त करने की तैयारी कर रहा है।
चमोली के जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने कहा, "भूस्खलन और धंसाव से प्रभावित होटलों और घरों की पहचान कर ली गई है। असुरक्षित क्षेत्र में इमारतों को खाली कर दिया गया है और इसके आसपास के क्षेत्र में बफर जोन से नागरिकों को भी स्थानांतरित किया जा रहा है। इन इमारतों को गिराने के लिए सीबीआरआई रुड़की के वैज्ञानिकों को बुलाया गया है। सीबीआरआई की टीम आज जोशीमठ पहुंचेगी और जिन इमारतों को गिराने की जरूरत है, उनकी पहचान करेगी। विशेषज्ञों की निगरानी में आगे की कार्रवाई की जाएगी। सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए इन इमारतों को गिराया जाएगा। "

SDRF के कमांडेंट क्या बोले?
एसडीआरएफ के कमांडेंट मणिकांत मिश्रा ने कहा, ''होटल मलारी इन को गिराया जाएगा। इसे चरणबद्ध तरीके से गिराने का प्लान किया गया है। इसे तोड़ना जरूरी है क्योंकि इसके नीचे भी कई घर और होटल हैं और अगर ये ज्यादा धंसेगा तो कभी भी गिर सकता है। सीबीआरआई के एक्सपर्ट भी आ रहे हैं, वे इसे मामल को अधिक तकनीकी से देखेंगे।''

होटल के मालिक का छलका दर्द
मलारी इन के मालिक ठाकुर सिंह राणा ने कहा, मुझे केंद्र और राज्य सरकार से बहुत तकलीफ है। ये होटल जनहित में तोड़ा जा रहा है, कोई बात नहीं मैं प्रशासन के साथ हूं। बस मुझे नोटिस देना चाहिए और मेरा आर्थिक मूल्यांकन कर देना चाहिए, मैं यहां से चला जाऊंगा। मेरा आग्रह है आर्थिक मूल्यांकन किया जाए।''
होटल के मालिक ठाकुर सिंह राणा ने कहा, ''अगर होटल जनहित में गिराया जा रहा है तो मैं सरकार और प्रशासन के साथ हूं, भले ही मेरे होटल में आंशिक दरारें ही क्यों न हों। लेकिन मुझे पहले नोटिस दिया जाना चाहिए था और मूल्यांकन किया जाना चाहिए था। आर्थिक मूल्यांकन किया जाए, मैं यहां से चला जाऊंगा।''

जोशीमठ टाउन एरिया में 678 इमारतों में दरारें
बुलेटिन के मुताबिक, जोशीमठ टाउन एरिया में कुल 678 इमारतों में दरारें देखी गई हैं। सुरक्षा के मद्देनजर कुल 81 परिवारों को अस्थाई रूप से विस्थापित किया गया है। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को उनकी जरूरत के मुताबिक भोजन किट और कंबल भी वितरित किया है साथ ही आवश्यक घरेलू सामान की खरीद के लिए राशि भी दी। प्रभावित स्थानीय लोगों के लिए कुल 63 भोजन किट और 53 कंबल उपलब्ध कराए गए हैं।












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