उत्तराखंड में धामी के 'शतक' वाले दिन ही गिरे 'दो विकेट', कहीं BJP के लिए खतरे की घंटी तो नहीं?
सीएम के 100 दिन पूरे होते ही यशपाल आर्य ने छोडी पार्टी
देहरादून, 12 अक्टूबर। बतौर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने 100 दिन पूरे कर लिए हैं। इस तरह से सियासी पिच पर धामी ने शतक तो मार दिया लेकिन शतक पूरे होते ही उनकी टीम के दो विकेट भी गिर गए। जिससे धामी की पारी की कम चर्चा हुई और विकेट गिरने के ज्यादा चर्चा रही। कारण तो जो विकेट गिरे वे भी उत्तराखंड में दलित वर्ग और कांग्रेस के लिए धाकड़ खिलाड़ी माने जाते हैं। ऐसे में एक तरफ धामी सरकार 100 दिन पूरे होने पर जश्न मना रही दूसरे तरफ यशपाल आर्य के कांग्रेस में जाने का नुकसान का आंकलन भी कर रही हैा

आते ही सिक्सर मारने की कोशिश
4 जुलाई को खटीमा से विधायक पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड के 11वें सीएम पद की कमान संभाली। पुष्कर सिंह धामी अब तक के सबसे युवा सीएम के तौर पर प्रोजेक्ट हुए, लेकिन भाजपा के कई पुराने चेहरों ने आपत्ति जताकर धामी के अनुभवों पर सवाल खड़े किए। धामी के सामने अपनी सरकार के पिछले 2 मुख्यमंत्रियों की छवि से पार्टी पर उठ रहे सवाल और खुद को बेहतर सीएम साबित करने की चुनौती सामने आई। धामी ने सियासी पिच संभालते ही ताबड़तोड बैटिंग करनी शुरू कर दी। सबसे पहले नौकरशाही में बड़ा फेरबदल और अपने सभी साथियों को विभागों का संतुलित बंटवारा कर उन्होंने पहले ही ओवर में विपक्षियों के छक्के छुड़ा दिए। इसके बाद युवाओं को टारेगट करते हुए 24 हजार पद भरने की प्रक्रिया शुरु कर दी।

पीएम ने भी की तारीफ
इसके बाद धामी ने एक से बढ़कर एक बड़े फैसले लेने शुरू कर दिए। कर्मचारियों के साथ ही धामी ने हर वर्ग को साधने की कोशिश की। पिछली सरकार के कार्यकाल के देवस्थानम बोर्ड और दूसरे फैसलों पर धामी ने अपना स्पष्ट विजन रखना शुरू कर दिया था। शतक लगाने से पहले धामी की गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने जमकर तारीफ कर दी। राजनाथ सिंह ने उन्हें 20-20 मैच के आखिरी ओवर में भेजा गया धाकड़ बल्लेबाज बता दिया। इतना ही नहीं खुद पीएम नरेंद्र मोदी ने धामी की जमकर तारीफ की और धामी को अपना मित्र कहकर भी संबोधित किया। इसके बाद धामी ने बतौर सीएम शतक लगा दिया। हालांकि जब तक धामी के शतक का जश्न मनाने की तैयारी होती तब तक कांग्रेस ने भाजपा के दो बड़े विकेट गिरा दिए। इनमें एक कैबिनेट मंत्री और दूसरा विधायक है।

यशपाल का विकेट गिरने से बचाने की करी कोशिश
अपने 100 दिन के कार्यकाल में पुष्कर सिह धामी की छवि दूसरे नेताओं से अलग मानी जा रही है। सीएम बनने के बाद से धामी का न तो कोई विधायक खास माना जा रहा है और नहीं कोई उनका खुलकर विरोध कर रहा है। साफ है कि धामी की छवि सबको साथ लेने की मानी जा रही है। और इसमें धामी काफी हद तक खुद को प्रुफ भी कर पाएं हैं। इतना ही नहीं जब यशपाल आर्य का कांग्रेस के साथ संपर्क होने की खबर सीएम पुष्कर सिंह धामी को मिली तो वे तुरंत यशपाल आर्य के घर मिलने पहुंच गए। इतना ही नहीं उनके साथ नाश्ते की टेबल पर राजनीति पर लंबी चर्चा भी की। हालांकि इस ब्रेकफास्ट डिप्लोमेसी का कुछ फायदा नहीं हुआ, लेकिन धामी ने इससे अपने विपक्षियों का मुंह चुप कराया।












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