Uttrakhand News: चुनावी साल में सबको याद आ रहे पर्यावरणविद् स्व. सुंदरलाल बहुगुणा
स्व. सुंदरलाल बहुगुणा को लेकर राजनीति
देहरादून, 18अगस्त ।
उत्तराखंड की राजनीति में आम आदमी पार्टी की एंट्री के बाद से ही पर्यावरणविद् स्व. सुंदरलाल बहुगुणा को लेकर राजनीति शुरू हो गई है। 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले आप की पहल के बाद बीजेपी और कांग्रेस भी इस मुद्दे को भुनाने की कोशिश में जुटे हैं। आप ने स्व. सुंदरलाल बहुगुणा को भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग की तो कांग्रेस ने इस मांग को लंबे समय से उठाने का दावा किया, बीजेपी ने चुनाव से ठीक पहले आजादी के पर्व पर ''सुंदर लाल बहुगुणा प्रकृति संरक्षण पुरस्कार'' प्रारम्भ करने का ऐलान कर साफ कर दिया कि आने वाले समय में पर्यावरणविद् बहुगुणा को लेकर नए समीकरण साधने की कोशिश की जाएगी।

दिल्ली विधानसभा परिसर में लग चुकी है मूर्ति
विधानसभा में आप के 'आप' संयोजक,दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सबसे पहले दिल्ली विधानसभा परिसर में दिवंगत सुंदरलाल बहुगुणा की मूर्ति और चित्र लगाया. इतना ही नहीं मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बीते 16 जुलाई को एक पत्र लिखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सुंदरलाल बहुगुणा को भारत रत्न देने की मांग की। सीएम ने कहा था कि पर्यावरण के प्रति बहुगुणा के योगदान को देखते हुए उन्हें भारत रत्न का पुरस्कार दिया जाना चाहिए। इससे उन्हें तो सम्मान मिलेगा ही, प्रकृति के प्रति युवाओं को जागरूक भी किया जा सकेगा। इसके बाद बीजेपी की तरफ से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आजादी के पर्व पर हुए कार्यक्रम में बहुगुणा के नाम पर पुरस्कार देने का ऐलान किया, उत्तराखंंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विश्व प्रसिद्ध पर्यावरणविद स्वर्गीय सुंदर लाल बहुगुणा का प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनकी स्मृति में राज्य सरकार 2 लाख रूपए राशि का ''सुंदर लाल बहुगुणा प्रकृति संरक्षण पुरस्कार'' प्रारम्भ करने जा रहे हैं। इस पूरे मसले पर कांग्रेस के प्रवक्ता मथुरा दत्त जोशी का कहना है कि कांग्रेस पूर्ववर्ती सरकारों के समय से ही स्वर्गीय सुंदर लाल बहुगुणा को भारत रत्न देने की मांग कर रही है।
बेटे ने की केजरीवाल की तारीफ
मंगलवार को उत्तराखंड दौरे पर पहुंचे अरविंद केजरीवाल ने दिवंगत सुंदरलाल बहुगुणा के पुत्र राजीवनयन बहुगुणा से भी मुलाकात की। हालांकि ये मुलाकात राजनैतिक न होकर व्यक्तिगत संवाद और चर्चा की मुलाकात बताई जा रही है। राजीव नयन बहुगुणा का कहना है कि केजरीवाल परंपरा से हटकर राजनीति कर रहे हैं, उन्होंने कहा कि केजरीवाल जनआंदोलन से निकले व्यक्ति हैं, साथ ही वे युवा समझ के हैं, जिससे उन्हें जल्द इस तरह की समझ आई है। राजनैतिक दलों के दिवंगत सुंदरलाल बहुगुणा को सम्मान देने को लेकर हो रही राजनीति पर उन्होंने कहा कि राजनैतिक दल का काम राजनीति करना है, उन्हें इस पर कोई टिप्पणी नहीं करनी है।
चिपको आंदोलन और पर्यावरण संरक्षण के लिए जाने जाते हैं बहुगुणा
उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल में जन्मे सुंदरलाल बहुगुणा देश के जाने माने पर्यावरण कार्यकर्ता रहे हैं। बहुगुणा सत्तर के दशक में चिपको आंदोलन के नेता था। हिमालय क्षेत्र के वनों की विकास के नाम पर अंधाधुंध कटाई के खिलाफ आवाज उठाने वाले बहुगुणा ने पहाड़ी लोगों के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन खड़ा किया था। गांधीवादी विचारधारा को मानने वाले बहुगुणा को देश चिपको आंदोलन और पर्यावरण संरक्षण के लिए जाने जाते हैं। कोविड की दूसरी लहर के दौरान 21 मई 2021 को उनका निधन हुआ था।












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