IMA पासिंग आउट परेड में बनेगा इतिहास, पीओपी का हिस्सा नहीं रहेंगी घोड़ा-बग्घी, ये है वजह
देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी की पासिंग आउट में इस बार घोड़ा-बग्घी दिखाई नहीं देगी। रक्षा मंत्रालय के आदेश के तहत ये निर्णय लिया गया है।

देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (आइएमए) की पासिंग आउट में इस बार इतिहास बनने जा रहा है। आइएमए की पासिंग आउट में इस बार घोड़ा-बग्घी दिखाई नहीं देगी।
दस जून को परेड
आईएमए की परेड दस जून को होगी। इसमें 374 कैडेट पास आउट होंगे। जिनमें सात मित्र देशों के 42 कैडेट भी शामिल रहेंगे। सेना प्रमुख मनोज पांडे परेड की सलामी लेंगे। आइएमए की पासिंग आउट में इस बार घोड़ा-बग्घी दिखाई नहीं देगी। अब तक निरीक्षण अधिकारी चार घोड़ों वाली बग्घी (पटियाला कोच) में परेड मैदान में पहुंचते थे।
1969 में आइएमए को भेंट की थी
पटियाला के पूर्व महाराज ने यह बग्घी 1969 में आइएमए को भेंट की थी। रक्षा मंत्रालय के आदेश के तहत भारतीय सेना ने औपनिवेशिक प्रथाओं जैसे बग्घी, पाइप बैैंड आदि को समाप्त कर दिया है। इसलिए इस बार आइएमए पासिंग आउट परेड से घोड़ा बग्घी बाहर कर दी गई है।
आइएमए का इतिहास
आइएमए एक अक्टूबर 1932 को अस्तित्व में आया था। अब तक 64,489 जैंटलमैन कैडेट्स अकादमी से पास आउट हुए हैं। इसमें 36 मित्र देशों के 2843 विदेशी कैडट्स भी शामिल हैं। इस बार 10 जून को पासिंग आउट परेड से पहले दो जून को ग्रेजुएशन सेरेमनी,आठ जून को अकादमी में कमांडेंट परेड व अवाॅर्ड सेरेमनी जबकि नौ जून को अकादमी में मल्टी एक्टिविटी डिस्प्ले शो आयोजित किया जाएगा।
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