Uttarakhand Global Investors Summit: कमिश्नर गढ़वाल,कुमाऊं को बड़ी जिम्मेदारी, हर 15 दिन में देंगे रिपोर्ट
उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट को लेकर राज्य सरकार की ओर से तैयारियां तेज कर दी गई हैं। एसीएस राधा रतूड़ी ने उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए किए गए 500 करोड़ रूपये या उससे अधिक के 25 विभिन्न एमओयू की ग्राउण्डिग की समीक्षा की। निवेशकों के भूमि एवं आवास सम्बन्धित मामलों के त्वरित क्लीयरेन्स के लिए कमिश्नर गढ़वाल और कुमाऊं नोडल बनाया गया है। साथ ही प्रत्येक इन्वेस्टमेंट प्रोजेक्ट के डेडिकेटेड फॉलोअप के लिए एक-एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति की गई है।

एसीएस ने कहा है कि देहरादून जैसे भीड़ वाले शहरों में ट्रैफिक की समस्या के स्थायी समाधान के लिए पब्लिक टांसपोर्ट सिस्टम को मजबूत करना आवश्यक है। स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए एमओयू की प्रभावी ग्राउडिंग से उत्तराखण्ड राज्य मेडिकल टूरिज्म हब के रूप में विकसित होगा। अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने निर्देश देते हुए कहा कि कमिश्नर गढ़वाल और कुमाऊं लैण्ड क्लीयरेन्स सम्बन्धित मामलों की नियमित समीक्षा के साथ ही हर 15 दिन में इसकी रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री को देंगे।
इसके साथ ही उन्होनें फॉरेस्ट और पोल्यूशन क्लीयरेन्स सम्बन्धित मामलों के लिए प्रमुख सचिव वन तथा फायर क्लीयरेन्स के लिए डीआईजी फायर को नोडल बनाने के निर्देश जारी किये हैं। एसीएस ने प्रत्येक इन्वेस्टमेंट प्रोजेक्ट के डेडिकेटेड फॉलोअप के लिए एक-एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति के भी आदेश दिए हैं।
यह नोडल अधिकारी उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए किये गए एमओयू के तहत हर प्रोजेक्ट का पटवारी स्तर से सचिव स्तर तक विभिन्न स्तरों एवं विभिन्न विभागों में त्वरित क्लीयरेन्स को सुनिश्चित करेंगे। इस कार्य के लिए प्रशिक्षित करने के लिए एसीएस रतूड़ी के निर्देश पर 30 नवम्बर को विभिन्न विभागों के इन नोडल अधिकारियों हेतु एक इन्वेस्टमेंट ट्रैकिंग पोटर्ल वर्कशॉप का आयोजन किया जा रहा है। एसीएस ने कहा कि उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले सभी एमओयू की शत प्रतिशत ग्राउडिंग की चुनौती का सामना सभी विभागों को कलेक्टिव ऑनरशिप के साथ करना होगा।
उत्तराखण्ड सरकार एवं विभिन्न कम्पनियों के मध्य अभी तक 500 करोड़ या उससे अधिक के 25 एमओयू किये जा चुके हैं। अभी तक हुए कुल एमओयू में से 50 प्रतिशत से अधिक एमओयू पयर्टन के क्षेत्र में किये गए हैं, अतः एसीएस रतूड़ी ने पर्यटन विभाग को सबसे अधिक सक्रियता के साथ प्रोजेक्ट्स की ग्राउडिंग पर कार्य करने की हिदायत दी है।
उन्होंने सभी विभागों को नसीहत दी है कि किसी भी प्रोजेक्ट्स पर एमओयू होने के बाद से ग्राउडिंग के लिए एक-एक दिन बेहद मूल्यवान हैं, इसलिए सभी सम्बन्धित अधिकारी सरकारी कार्यशैली की जगह कॉरपोरेट कार्यशैली को अपनाते हुए प्रोजेक्ट्स की ग्राउडिंग पर मिशन मोड पर कार्य करें। उन्होंने विभागों को एमओयू की शत् प्रतिशत ग्राउडिंग के लिए अलग-अलग रहकर कार्य करने स्थान पर कलेक्टिव ऑनरशिप के साथ कार्य करने की हिदायत दी है।
बैठक में अपर मुख्य सचिव ने परिवहन विभाग को पब्लिक ट्रांसपोर्ट व इलैक्ट्रिक बसों के क्षेत्र में रूचि दिखाने वाले निवेशकों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा विशेषकर देहरादून जैसे भीड़ वाले शहरों में ट्रैफिक की समस्या के स्थायी समाधान के लिए पब्लिक टांसपोर्ट सिस्टम को मजबूत करना अत्यन्त आवश्यक है। उन्होंने परिवहन विभाग को राज्य के निवासियों एवं महिलाओं को ही ई रिक्शा के आवंटन की संभावनाओं के आंकलन के निर्देश दिए हैं।












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