चारधाम यात्रा में 40 दिन में चार हेलीकॉप्टर हादसे, 6 लोगों ने गंवाई जान, कब पूरी होगी जांच, उठ रहे बड़े सवाल
helicopter accidents in uttarakhand उत्तराखंड की चार धाम यात्रा चल रही है। लाखों श्रद्धालु धामों में दर्शन कर चुके हैं। हजारों यात्री एक दिन में यात्रा कर रहे हैं। इस बीच हेलीकॉप्टर सेवा का भी जमकर प्रयोग हो रहा है। लेकिन कपाट खुलने के 40 दिन के भीतर ही चार हादसे हो गए हैं। जिसमें उत्तरकाशी जिले के गंगनानी में हुए हेलिकॉप्टर हादसे में पांच लोगों ने जान गंवाई।
ऐसे में हेलीकॉप्टर हादसों को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। चार धाम यात्रा गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ का संचालन जारी है। हेलीकॉप्टर सेवा इस बार चारों धामों में जारी है। लेकिन सबसे ज्यादा केदारनाथ यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर को लेकर डिमांड और उत्साह है।

18 किमी की पैदल चढ़ाई होने की वजह से केदारनाथ हेली सेवा सबसे ज्यादा व्यस्त है। चारधाम यात्रा के दौरान संचालित हेली सेवा में लगातार हेलिकॉप्टर हादसे भी बढ़ रहे हैं, लेकिन हादसों के पीछे तकनीकी कारणों की जांच का कोई अता पता नहीं है।
30 अप्रैल को चार धाम यात्रा शुरू हुई। बीते 40 दिनों में अब केदारनाथ में दो, उत्तरकाशी में गंगोत्री जाते एक हेलिकॉप्टर दुर्घटना और बदरीनाथ के पास उड़ान भरते समय एक हेलिकॉप्टर अनियंत्रित होने की घटना हो चुकी है। आठ मई को उत्तरकाशी जिले के गंगनानी में हेलिकॉप्टर हादसे में पायलट समेत छह लोगों की मौत हुई थी, जबकि अन्य घटना में हेलिकॉप्टर सवार सुरक्षित रहे।
बीते दिनों केदारनाथ में हुए दो हादसों में एक हेलीकॉप्टर उड़ान भरते ही सीधे सड़क पर पहुंच गया। पायलट की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया। ऐसे ही केदारनाथ आ रहा एम्स का हेली एम्बुलेंस का भी पिछला हिस्सा टूट गया और बड़ा हादसा टल गया।
उत्तरकाशी जिले के गंगनानी में हुए हेलिकॉप्टर हादसे की मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं, लेकिन एक माह बाद भी सरकार को जांच रिपोर्ट नहीं मिली है। केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री, हेमकुंड साहिब के लिए हेलिकॉप्टर सेवा संचालित है, लेकिन उच्च हिमालयी क्षेत्रों में उड़ान भर रहे हेलिकॉप्टर सिंगल इंजन वाले हैं। ऐसे में तकनीकी खराबी या मौसम, हवा का दबाव हेलिकॉप्टर की उड़ान में एक बड़ी चुनौती रहती है।












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