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UK NEWS: पूर्व काबिना मंत्री दिवाकर भट्ट का निधन, जानिए उत्तराखंड राज्य आंदोलन के 'फील्ड मार्शल' का सफर

Uttarakhand news Diwakar Bhatt passes away: उत्तराखंड के पूर्व कैबिनेट मंत्री और उत्तराखंड क्रांति दल के वरिष्ठ नेता दिवाकर भट्ट का निधन हो गया। फील्ड मार्शल के नाम से राजनीति में प्रसिद्ध दिवाकर भट्ट ने लंबी बिमारी के बाद हरिद्वार में अपने आवास पर अंतिम सांस ली। दिवाकर भट्ट लंबे समय से बीमार चल रहे थे।

26 नवंबर को हरिद्वार के खड़खड़ी श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार होगा। राज्य आंदोलन में दिवाकर भट्ट ने अग्रणी भूमिका निभाई। उनके निधन के बाद पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई। दिवाकर भट्ट उत्तराखंड राज्य आंदोलन के प्रमुख नेताओं में रहे हैं और उत्तराखंड क्रांति दल के प्रमुख चेहरे के रूप में उनकी अलग पहचान थी।

Former Cabinet Minister UKD Diwakar Bhatt passes away know journey Field Marshal Uttarakhand movemnt

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री दिवाकर भट्ट के निधन पर गहरा दु:ख व्यक्त किया-

ईश्वर से पुण्यात्मा को श्री चरणों में स्थान देने तथा शोक संतप्त परिजनों को यह असीम दु:ख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है. दिवाकर भट्ट के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है, राज्य निर्माण आंदोलन से लेकर जन सेवा के क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए कार्य सदैव अविस्मरणीय रहेंगे. -पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

दिवाकर भट्ट का सफर:

  • उत्तराखंड क्रांति दल के संस्थापक के रूप में लंबे समय तक संघर्ष किया।
  • राज्य आंदोलन के दौरान ही उन्हें 'फील्ड मार्शल' की उपाधि दी गई।
  • उनका जन्म साल 1946 में हुआ था।
  • आईटीआई की पढ़ाई के बाद दिवाकर भट्ट ने हरिद्वार स्थित बीएचईएल में कर्मचारी नेता के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई
  • वर्ष 1970 में 'तरुण हिमालय' संस्था के माध्यम से उन्होंने सांस्कृतिक चेतना जगाने और शिक्षा प्रसार के लिए काम किया
  • इसी दौरान उन्होंने गढ़वाल विश्वविद्यालय आंदोलन (1971) और पंतनगर विश्वविद्यालय कांड के खिलाफ (1978) सक्रिय भागीदारी निभाई
  • वर्ष 1979 में दिवाकर भट्ट 'उत्तराखंड क्रांति दल' के संस्थापकों में से एक बने और उन्हें संस्थापक उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई
  • 1980 और 90 के दशक में कुमाऊं-गढ़वाल मंडल घेराव, उत्तराखंड बंद, दिल्ली की 1987 की ऐतिहासिक रैली, वन अधिनियम के खिलाफ 1988 का आंदोलन, इन सभी में उनकी निर्णायक भूमिका रही
  • 1994 के उत्तराखंड राज्य आंदोलन में दिवाकर भट्ट सबसे प्रमुख चेहरों में शामिल रहे
  • उन्होंने नवंबर 1995 में श्रीयंत्र टापू और दिसंबर 1995 में खैट पर्वत पर आमरण अनशन किया
  • 1982 से 1996 तक वे तीन बार कीर्तिनगर के ब्लॉक प्रमुख रहे
  • साल 2002 में दिवाकर भट्ट ने यूकेडी की टिकट से देवप्रयाग विधानसभा सीट से चुनाव लड़े, लेकिन हार गए 2007 में वे विधायक और मंत्री बने, उन्होंने शहरी विकास जैसे अहम विभाग संभाले
  • इसके बाद साल 2012 में चुनाव लड़े, लेकिन हार गए
  • साल 2017 में निर्दलीय चुनाव लड़े, लेकिन हार का सामना करना पड़ा
  • साल 2017 में यूकेडी के केंद्रीय अध्यक्ष चुने गए
  • साल 2022 का चुनाव उन्होंने यूकेडी की तरफ से लड़ा, लेकिन हार गए
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