Flashback 2022: Ankita bhandari case साल 2022 का बहुचर्चित केस, बड़ा सवाल क्या 2023 में मिलेगा न्याय ?
अंकिता भंडारी ऋषिकेश स्थित वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेपनिस्ट की नौकरी करने आई। जो कि एक माह के भीतर ही गायब हो गई। अंकिता 18 सितंबर से लापता हुई थी, जिसका शव 24 सितंबर की सुबह ऋषिकेश में चीला नहर से मिला था।

अंकिता भंडारी केस उत्तराखंड की बेटी का साल 2022 का बहुचर्चित केस बन गया है। जो कि अब एक घर की नहीं पूरे उत्तराखंड की बेटी बन गई। केस के 3 माह गुजर जाने के बाद भी आंदोलनकारी बेटी को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ये केस अब सियासत का रंग भी ले चुका है। विपक्षी दल कांग्रेस,यूकेडी, आप भी इस मामले में जमकर राजनीति कर रहे हैं। जो कि 2023 में अहम निर्णायक मोड पर आने की उम्मीद है। इस केस में साल जाते जाते चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। लेकिन एक सच अब भी लोग जानना चाहते हैं कि आखिर इस केस में वीआईपी कौन था, जिसे स्पेशल सर्विस दिलाने के लिए अंकिता पर दवाब बनाया जा रहा था।
18 सितंबर से लापता, शव 24 सितंबर की ऋषिकेश में चीला नहर से मिला था
श्रीनगर गढ़वाल की रहने वाली अंकिता भंडारी ऋषिकेश स्थित वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेपनिस्ट की नौकरी करने आई। जो कि एक माह के भीतर ही गायब हो गई। अंकिता 18 सितंबर से लापता हुई थी, जिसका शव 24 सितंबर की सुबह ऋषिकेश में चीला नहर से मिला था। इस मामले में वनंतरा रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य, रिसॉर्ट के प्रबंधक सौरभ भास्कर और सहायक प्रबंधक अंकित उर्फ पुलकित गुप्ता को गिरफ्तार किया गया था। जब तीनों आरोपियों को पुलिस कोर्ट में पेश कर रही थी, तभी भारी संख्या में जुटे लोगों ने पुलिस कार पर हमला कर दिया जिसमें आरोपियों को ले जाया जा रहा था। इस बीच किसी तरह आरोपियों को जेल ले जाया गया। इस बीच जब अंकिता का शव बरामद हुआ तो लोगों में आक्रोश बढ़ गया। अंकिता के शव का पीएम होने के बाद जैसे ही अंतिम संस्कार के लिए परिजन ले जाने लगे तो लोग सड़कों पर उतर गए। किसी तरह से बीचबचाव और परिजनों की अपील पर अंकिता का अंतिम संस्कार किया गया। इसके बाद शुरू हुई कानूनी लड़ाई और लोगों की नाराजगी।
वनंतरा रिजॉर्ट में देर रात बुलडोजर कार्रवाई, जिस पर भी सवाल खड़े हुए
इस बीच अंकिता जिस कमरे में रूकी और वनंतरा रिजॉर्ट में देर रात बुलडोजर कार्रवाई हुई। जिस पर भी सवाल खड़े हुए आरोप लगा कि बुलडोजर चलाकर कई साक्ष्य मिटाए गए हैं। अंकिता के दोस्त पुष्प ने मीडिया को इस केस से जुड़ी हर बात शेयर की, साथ ही अंकिता के साथ हुई बातचीत की चेट भी वायरल हो गई। जिसमें अंकिता रिजॉर्ट के अंदर चल रही गतिविधि और अनैतिक काम को लेकर जानकारी शेयर करती नजर आई। इसके साथ ही रिजॉर्ट में वीआईपी को स्पेशल सर्विस देने की भी बात सामने आई, जिसके लिए अंकिता पर दवाब बनाया जा रहा था। पुलिस ने इस मामले में पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और पुलकित गुप्ता के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट भी लगाया था। अंकिता मर्डर में रिसॉर्ट में आने वाले कुछ वीआईपी मेहमानों के लिए स्पेशल सर्विस देने का दबाव बनाने की बात सामने आ चुकी है। जिसके बाद से पुलिस पर वीआईपी का नाम उजागर करने का दबाव है। जिसके लिए पुलिस ने नार्को या पॉलीग्राफ टेस्ट की मदद लेने का फैसला लिया लेकिन आरोपियों ने जांच से इनकार कर दिया। अंकिता के परिजन सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। इस मामले में हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया जा चुका है। इस पूरे मामले में सियायत भी जमकर हो रही है। आरोपी पुलकित के पिता विनोद आर्य और भाई भाजपा के बड़े नेता और दायित्वधारी भी रह चुके हैं। इस मामले ने साल 2022 में उत्तराखंड ही नहीं पूरे देश को झकझोर कर रख दिया।












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