Uttarakhand news: 40 मजदूरों को बाहर निकालने के लिए ऐसे तैयार हो रही एस्केप टनल, अगले 24 घंटों पर टिकी सांसे
Uttarakhand news उत्तरकाशी के सिलक्यारा में निर्माणाधीन सुरंग में फंसे 40 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए अब नई एडवांस ऑगर मशीन से ड्रिलिंग का काम शुरू हो गया है। पाइपों से एस्केप टनल तैयार कर मजदूरों को बाहर निकाला जाएगा। आइए जानते हैं इस पूरे ऑपरेशन के बारे में आखिर कैसे मजदूरों को बाहर निकालने के लिए ऑगर मशीन से प्लेटफॉर्म तैयार किया जा रहा है। जिसके लिए एस्केप टनल तैयार हो रही है।

निर्माणाधीन सुरंग में करीब 70 मीटर तक मलबा पसरा हुआ है। जहां पर 40 मजदूर फंसे हुए हैं। ऑगर मशीन से जो पाइप अंदर डाले जा रहे हैं उसमें एक पाइप 5 मीटर तक जाने में करीब 1 घंटे का समय ले रहा है। यानि मशीन के जरिए प्रति घंटे पांच मीटर मलबा को पार किया जा सकेगा। इसके बाद इसे वेल्डिंग किया जा रहा है।
यहां पाइपों की वेल्डिंग में एक से डेढ़ घंटे का समय लग रहा है। इस तरह से आने वाले 24 से 48 घंटे अंदर फंसे मजदूरों के लिए अहम हैं। 5 दिन से सुरंग में जिदंगी की जंग लड़ रहे मजदूरों के लिए 24 से 48 घंटे ही जिदंगी की आस लेकर आ सकते हैं। इस कार्य में एलाइनमेंट का भी विशेष ध्यान रखना पड़ रहा है। जिससे किसी तरह की फिर से बाधा उत्पन्न न हो। अभी तक अंदर फंसे मजदूरों के सुरक्षित होने की बात सामने आई है।
सुरंग में आए मलबे में जैक एंड पुश अर्थ ऑगर मशीन के जरिए पहला पाइप डालने का काम शुरू हो चुका है। बता दें कि बुधवार को पीएमओ के निर्देश पर वायु सेना के तीन हरक्यूलिस विमान से हाई पावर ऑगर ड्रिलिंग मशीन नई दिल्ली से चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी पर पहुंचाई गई। जिसके बाद ग्रीन कॉरिडोर बनाकर घटनास्थल तक पहुंचाया गया। ड्रिलिंग का काम शुरू करने से पहले पूजा पाठ भी किया गया।
जिसके बाद से काम शुरू होते ही अब सभी को जल्द ही अच्छी खबर सामने आने की उम्मीद जगी है। एक तरफ मशीन से ड्रिलिंग का काम जारी है दूसरी तरफ अंदर फंसे मजदूरों से पाइप के जरिए कम्यूनिकेशन और उनके हालचाल पूछे जा रहे हैं। इस बीच मजदूरों को ड्राई फूट और जरुरी दवाइयां पहुंचाई जा रही है। बीच बीच में मजदूरों को परिजनों से बात कर हौंसला अफजाई की जा रही है।












Click it and Unblock the Notifications