Dussehra 2024: पंजा और सोने का जूता,देश में पहली बार जलेगा ये खास तरीके का 'रावण'
Dussehra 2024 दशहरे को लेकर सबसे ज्यादा उत्सुकता रावण के पुतले दहन को लेकर होती है। रावण कितने फिट का जलेगा और आधुनिकता के हिसाब से रावण में क्या खास रहेगा, इस बात की जिज्ञासा लोगों में सबसे ज्यादा रहती है। देहरादून में बन्नू स्कूल ग्राउंड में जलने वाले रावण को 50 से 60 फीट तक का तैयार किया गया है।
रावण के पंजे और सोने का जूता इस बार खास आकर्षण का केंद्र रहेगा। कारीगरों ने कड़ी मेहनत से रावण का पंजा और जूता तैयार किया है। रावण के पुतले को तैयार करने वाले शालू ने बताया 10 दिन की कड़ी मेहनत के बाद रावण के पंजे तैयार किए हैं।

जो कि पूरे देश में पहली बार इस तरह का रावण तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि रावण बहुत शक्तिशाली था। जिसके पंजे में बहुत दम था। इस तरह से रावण के लिए तैयार किए पंजे में भी ये दिखाने की कोशिश की गई है कि रावण के पंजे में कितना दम है। इसको तैयार करने में 15 मजदूरों की टीम ने दिन रात एक कर कड़ी मेहनत की है।
ऐसे तैयार हुआ रावण
इसके साथ ही सोने का जूता जो कि सोने के रंग के कलर की शीट से तैयार किया है। शालू बताते हैं कि हर बार रावण में कुछ नया करने की कोशिश रहती है। जिससे रावण को देखने आए हुए लोग खुश होकर जाएं। इसके साथ ही विशेष लाइटिंग भी की जाती है। जिससे रावण को देखकर हर कोई तारीफ करें।
क्या क्या लगता है
रावण के पुतले को तैयार करने में बांस, मैदा, कपड़े और अन्य कई तरह के सामान लगते हैं। उन्होंने बताया कि रावण पहले से थोड़ा महंगा जरुर हुआ है। लेकिन मेहनत बहुत ज्यादा लगती है। इसके लिए सामान इकट्टा करना और सब के साथ मिलकर काम करना आसान नहीं होता है। उन्होंने बताया कि देहरादून में बनने वाले रावण के कपड़े हमेशा असली पहनाए जाते हैं।
तब आएगी नींद
कोशिश की जाती है कि रावण नैचुरल दिखे और लोग अच्छे से त्यौहार को एंजॉय करें। साथ ही रात दो से तीन बजे तक जब तक रावण का पुतला पूरी तरह से न जल जाए। तब तक उनकी टीम का कोई भी साथी संतुष्ट होकर नहीं सो पाते। करीब तीन माह तक कड़ी मेहनत के बीच कोई भी ढंग से सो नहीं पाता है। रावण के जलने के बाद ही शुकून की नींद आ पाती है।












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