प्रारंभिक शिक्षा निदेशक पर जानलेवा हमला, शिक्षकों और कर्मचारियों का बवाल, जानिए क्यों हो रहा विवाद
Director of Primary Education controversy Deadly attack उत्तराखंड में बोर्ड परीक्षाओं के बीच नया बवाल खड़ा हो गया है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक के साथ मारपीट के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मामले के बाद प्रदेशभर में शिक्षकों ने विरोध शुरू कर दिया है। शिक्षकों ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
साथ ही कार्रवाई न होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है। शिक्षकों ने जरुरत पड़ने पर बोर्ड परीक्षाओं के बहिष्कार की भी चेतावनी दे दी है। जिससे शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। राज्य सरकार के लिए भी नई चुनौती खड़ी हो गई है।

एक तरफ शिक्षकों की नाराजगी सामने आ रही है, दूसरी तरफ विधायक समर्थकों को लेकर भी कार्रवाई की मांग हो रही है। भाजपा विधायक के समर्थकों पर डायरेक्टर के साथ पिटाई के गंभीर आरोप लगे हैं। डायरेक्टर की पिटाई से शिक्षा विभाग के कर्मचारी खासा नाराज हैं।
इसके साथ ही कानून और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। इस तरह की घटना को लेकर लोगों में भी गुस्सा है। सरकारी विभाग के कार्यालय में गुंडई से लोग नाराज नजर आ रहे हैं। लोगों का कहना है कि सरकारी कार्यालय में ही जब कर्मचारी अधिकारी सुरक्षित नहीं है तो फिर आम लोगों के साथ कहीं कुछ भी हो सकता है। इस मामले में अब राजनीति भी तेज हो गई है।
घटनाक्रम के अनुसार रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ अपने समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ शिक्षा निदेशालय पहुंचे। बताया जा रहा है कि वे एक सरकारी विद्यालय का नाम बदले जाने के मुद्दे को लेकर बातचीत करने पहुंचे थे। विधायक ने प्रशासन के सामने अपनी बात रखी. बातचीत के दौरान किसी बात पर कहासुनी बढ़ गई। धीरे-धीरे मौके पर बवाल हो गया।
आरोप है कि इसी दौरान विधायक और उनके साथ आए कार्यकर्ताओं ने प्रारंभिक शिक्षा निदेशक के कार्यालय में घुसकर उनके साथ मारपीट की। जिससे डायरेक्ट घायल हो गए। मामले की जानकारी मिलते ही निदेशालय के बाहर शिक्षक और कर्मचारी धरने पर बैठ गए और नारेबाजी करते हुए आंदोलन शुरू कर दिया। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक कार्रवाई नहीं होगी आंदोलन जारी रहेगा। इतना ही नहीं बोर्ड परीक्षाओं के बहिष्कार की भी चेतावनी जारी की गई है।












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