Dehradun में दौड़ेगी नियो मेट्रो, धामी कैबिनेट में जमीनों के अधिग्रहण पर मुहर, जानिए प्रोजेक्ट के बारे में
देहरादून की सड़कों पर नियो मेट्रो दौड़ाने की योजना धरातल पर नजर आएगी। इसके लिए धामी कैबिनेट ने सरकारी विभाग के केवल 1 रुपए में जमीन देने पर सहमति दी है। कैबिनेट ने जमीनों के अधिग्रहण को मुहर लगा दी है।

देहरादून की सड़कों पर नियो मेट्रो दौड़ाने की धामी सरकार की योजना जल्द ही धरातल पर नजर आएगी। इसके लिए धामी कैबिनेट ने सरकारी विभाग के केवल 1 रुपए में जमीन देने पर मुहर लगा दी है। नियो मेट्रो की लाइन बिछाने और स्टेशन बनाने के लिए जमीनों का अधिग्रहण किया जाएगा। जिन स्टेशनों पर सरकारी विभागों की जमीन दायरे में आएगी, वह शहरी विकास को अपनी जमीन 1 रुपए में 99 साल के लिए देंगे।

प्रस्ताव केन्द्रीय शहरी विकास विभाग के पास लंबित
धामी सरकार ने देहरादून में नियो मेट्रो को शुरू करवाने की दिशा में एक कदम आगे बढ़ाया है। इसके लिए कैबिनेट ने जमीनों के अधिग्रहण को मुहर लगा दी है। नियो मेट्रो के लिए डीपीआर पूर्व में स्वीकृत होने के बाद प्रस्ताव केन्द्रीय शहरी विकास विभाग के पास लंबित है।

225 यात्री सफर कर सकते
नियो मेट्रो के कोच दो तरह की लंबाई के होंगे। एक कोच 12 मीटर लंबा होगा इसमें एक साथ 90 यात्री सफर कर सकते हैं। दूसरा कोच 24 से 25 मीटर लंबा होगा। इसमें 225 यात्री सफर कर सकते हैं।

पहले चरण में करीब 22 किमी का सफर तय करने का रूट तैयार
उत्तराखंड सरकार की और से देहरादून में नियो मेट्रो चलाने का प्रस्ताव मंजूरी के लिए केंद्र सरकार के पास लंबित है। प्रथम चरण में केंद्र सरकार के साथ पचास प्रतिशत की हिस्सेदारी के साथ देहरादून के दो रूटों पर नियो मेट्रो चलाने का प्रस्ताव भेज चुकी है। पहले चरण में करीब 22 किमी का सफर तय करने का रूट तैयार किया गया है। दूसरे चरण में हरिद्वार-ऋषिकेश को भी इस प्रोजेक्ट से जोड़ा जाएगा। केन्द्र से मंजूरी मिलते ही प्रदेश में नियो मेट्रो की प्लानिंग पर काम शुरू हो जाएगा।

करीब 1600 करोड़ का प्रोजेक्ट
यूकेएमआरसी की ओर से सबसे पहले देहरादून में दो रूटों पर मेट्रो नियो का संचालन किया जाएगा। केंद्र सरकार से हरी झंडी मिलने के साढ़े तीन साल बाद देहरादून में मेट्रो नियो दौड़ने लगेगी। उत्तराखंड मेट्रो रेल कारपोरेशन लिमिटेड ने इसका प्रस्ताव तैयार किया था, जिस पर राज्य सरकार से मुहर लगने के बाद केंद्र को भेज दिया गया है। यह करीब 1600 करोड़ का प्रोजेक्ट है। वर्ष 2017 में सरकार ने देहरादून, ऋषिकेश और हरिद्वार को मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र घोषित किया था।देहरादून में सबसे पहले मेट्रो लाइट का प्लान तैयार किया गया, उसके बाद रोपवे प्लान तैयार हुआ। अब तय किया गया है कि देहरादून में मेट्रो नियो चलाई जाएगी जो लेटेस्ट टेक्नोलॉजी है।

जानिए मेट्रो नियो के बारे में
मेट्रो नियो सिस्टम रेल गाइडेड सिस्टम है। इसके कोच स्टील या एल्युमिनियम के बने होंगे। इसमें बिजली जाने पर भी ट्रेन 20 किमी चल सकेगी। इसमें ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम होगा। टिकट का सिस्टम क्यू आर कोड या सामान्य मोबिलिटी कार्ड से होगा। इसके ट्रैक की चौड़ाई आठ मीटर होगी। जहां ट्रेन रुकेगी, वहां 1.1 मीटर का साइड प्लेटफॉर्म होगा। आईसलैंड प्लेटफॉर्म चार मीटर चौड़ाई का होगा।

तय 2 रूट
आईएसबीटी से गांधी पार्क : 8.523 किलोमीटर (10 स्टेशन)
आईएसबीटी, सेवला कलां, आईटीआई, लालपुल, चमनपुरी, पथरीबाग, देहरादून रेलवे स्टेशन, देहरादून कचहरी, घंटाघर और गांधी पार्क।
एफआरआई से रायपुर : 13.901 किलोमीटर (15 स्टेशन) एफआरआई, बल्लूपुर चौक, आईएमए ब्लड बैंक, दून स्कूल, मल्होत्रा बाजार, घंटाघर, सीसीएमसी, आराघर चौक, नेहरू कालोनी, विधानसभा, अपर बद्रीश कालोनी, अपर नत्थनपुर, ऑर्डिनेंस फैक्ट्री, हाथीखाना चौक और रायपुर
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