देहरादून नगर निगम सीट: भाजपा,कांग्रेस में दिलचस्प मुकाबला,पहली बार चुनावी मैदान में युवा चेहरे,किसमें कितना दम
Dehradun nagar nigam seat: उत्तराखंड की सबसे हॉट और वीआईपी सीट देहरादून नगर निगम के लिए भाजपा, कांग्रेस ने अपने अपने प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया है। भाजपा ने इस बार निवर्तमान मेयर सुनील उनियाल गामा की जगह युवा और नए चेहरे सौरभ थपलियाल को मैदान में उतारा है।
उधर कांग्रेस ने भी कई दिग्गजों को किनारे करते हुए वीरेंद्र पोखरियाल पर दांव खेला है। लंबे मंथन और खींचतान के बाद अपने अपने दलों से दोनों टिकट पाने में कामयाब हुए हैं। अब एक तरफ मेयर के लिए जीत हासिल करने की चुनौती है, दूसरी तरफ पार्टी के अंदर चल रही सियासत और नाराजगी को दूर कर डेमेज कंट्रोल करने की भी चुनौती है।

देहरादून नगर निगम में उतरे दोनों युवा और नए चेहरों के लिए ये चुनाव कितना चुनौतीपूर्ण है। इसके साथ ही दोनों का अब तक का सियासी सफर कैसा रहा। आइए एक नजर डालते हैं। देहरादून सीट पर अब तक गढ़वाली और ब्राह्रमण चेहरे पर दांव खेला है। जो कि हर बार जीतका रिकॉर्ड बनाते आए हैं।
पहले विनोद चमोली फिर सुनील उनियाल और अब सौरभ थपलियाल। दोनों फेक्टर में सौरभ फिट बैठे हैं। ऐसे में इस बार भी भाजपा को उम्मीद है कि सौरभ हैट्रिक मारेंगे। कांग्रेस ने भी गढ़वाली चेहरे और ब्राह्रमण पर दांव खेला है। एक और बात जो दोनों में समान है वह है दोनों छात्र राजनीति से आते हैं। दोनों डीएवी कॉलेज के छात्र संघ अध्यक्ष रहे हैं।
दोनों में क्या समानता
- गढ़वाली और ब्राह्रमण चेहरा।
- डीएवी कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष रहे।
- युवा और पहली बार किसी चुनाव में उतरे।
भाजपा के सौरभ थपलियाल का सियासी सफर-
- देहरादून के डोईवाला विधानसभा के मोहकमपुर के चाणक्यपुरम में रहने वाले सौरभ युवा नेता हैं।
- अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से छात्र राजनीति में प्रवेश,डीएवी पीजी कालेज में छात्र संघ अध्यक्ष बने
- भाजयुमो में विभिन्न पदों पर रहने के बाद पुष्कर सिंह धामी के बाद प्रदेश अध्यक्ष भी बने।
- सौरभ थपलियाल को केंद्रीय मंत्री धर्मेंंद्र प्रधान और पूर्व सीएम भगत सिंह कोश्यारी का करीबी माना जाता है।
- पहले आरएसएस से जुड़े, इसके बाद छात्र राजनीति में शामिल हो गए।
- 1999 छात्र संघ महासचिव डीएवी दून
- 1999 छात्र महासंघ महासचिव गढ़वाल विवि
- 2000 छात्र संघ अध्यक्ष डीएवी दून
- 2000 गढ़वाल छात्र महासंघ अध्यक्ष
- 2001 उत्तराखंड छात्र महासंघ अध्यक्ष भारतीय जनता युवा मोर्चा
- 2003 जिला महामंत्री
- 2007 प्रदेश उपाध्यक्ष, उत्तराखंड
- 2010 राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य
- 2013 प्रदेश अध्यक्ष उत्तराखंड
कांग्रेस के वीरेंद्र पोखरियाल का सियासी सफर-
- कांग्रेस के वीरेंद्र पोखरियाल राज्य आंदोलन के दौर में चर्चित युवा चेहरा हैं।
- टिकट दावेदारी से लेकर घोषणा तक वह संगठन और कार्यकर्ताओं की पहली पसंद रहे।
- वीरेंद्र पोखरियाल सक्रिय राजनीति में पहली बार सीधे किसी चुनाव में उतर रहे हैं।
- वर्तमान में कांग्रेस प्रदेश महामंत्री विरेंद्र, पिछले विधानसभा चुनाव में कैंट सीट से टिकट की दावेदारी की।
- वर्ष 2000 में उन्हें युवा कांग्रेस के गढ़वाल मंडल अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई थी।
- वह 2007 में उत्तराखंड किसान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष बने।
- वीरेंद्र को राज्य आंदोलन के दौरान तीन बार जेल जाना पड़ा।
- वह 1993 से 1996 तक डीएवी कॉलेज के छात्र संघ अध्यक्ष रहे।
- वर्ष 2004 से वीरेंद्र पोखरियाल सहकारी बाजार देहरादून के अध्यक्ष हैं।
- वह 2013 में उत्तराखंड राज्य आवास संघ लिमिटेड का निदेशक बने।












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