डिजिटली अरेस्ट कर 10 दिन में ही 1.02 करोड की ठगी, हरियाणा से पकड़ा गया, ऐसे करता था साइबर फ्रॉड
उत्तराखंड एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ऑपरेशन प्रहार अभियान के अंतर्गत करोड़ रुपए से अधिक के साइबर फ्रॉड के मामले में फरीदाबाद हरियाणा से अभियुक्त को हल्द्वानी जेल भेजा है। अभियुक्त पर टेलीकॉम डिपार्टमेण्ट का अधिकारी बनकर साइबर फ्रॉड करने का आरोप है।
जिसने डिजिटली अरेस्ट कर पीड़ितों से मात्र 10 दिन में ही लगभग 1.02 करोड की ठगी की। जांच में यह तथ्य भी प्रकाश में आया है कि अभियुक्तगण के बैंक खाते के विरुद्ध देश के विभिन्न राज्यों में कुल 13 साईबर अपराधों की शिकायतें दर्ज हैं।

एसटीएफ के एसएसपी नवनीत सिंह ने बताया कि नैनीताल के पीड़ित व्यक्ति ने मार्च 2025 में मुकदमा दर्ज कराया, जिसमें बताया कि अज्ञात व्यक्तियों द्वारा फर्जी टेलीकॉम अधिकारी बनकर ईडी व सीबीआई के आदेश पर पीड़ित का मोबाइल नम्बर बन्द करने और पीडित को डिजिटली अरेस्ट करते हुए मात्र 10 दिनो में अलग-अलग खातों में कुल 1.02 करोड की धनराशि ठग ली।
पुलिस ने मामले की पड़ताल करते हुए बैंक खातों की जानकारी जुटाई। जिसके बाद अभियुक्त चन्द्रशेखर सिकरीवाल को हरियाणा पुलिस की मदद से फरीदाबाद हरियाणा से लाकर कोर्ट में पेश कर अभियुक्त चन्द्रशेखर सिकरीवाल पुत्र सुल्तान सिंह सिकरीवाल निवासी उपरोक्त को न्यायिक हिरासत में उप जिला कारागार हल्द्वानी नैनीताल भेजा गया।
अभियुक्त द्वारा पीडितों को टेलीकॉम अथॉरिटी का अधिकारी बताकर उनके मोबाइल नम्बर बन्द होने सम्बन्धी ईडी (प्रवर्तन निदेशालय), सीबीआई का आदेश होने की बात कहकर, आधार कार्ड से फर्जी खाता खुलने तथा ह्यूमन ट्रैफिकिंग की बात कहकर डिजिटली अरेस्ट कर लिया जाता था, जिसके बाद पीडित को बताया जाता था कि कोर्ट द्वारा उसके केस को ऑनलाईन सुने जाने की अनुमति मिलने की बात कही जाती थी, जिसके लिये पीडितों को व्हाटसप पर ही गाईडलाईन भी भेजी जाती थी।
प्रोटोकॉल बनाये रखने के लिये बताया जाता था, अभियुक्त द्वारा पीडितों से डिजिटली अरेस्टिंग के दौरान लगातार व्हाटसप के माध्यम से जुडा रहता था जिसके लिये प्रत्येक घण्टे में पीडित द्वारा अभियुक्त को व्हाटसप के माध्यम से ही जानकारी भी प्रदान करनी होती थी। अभियुक्त द्वारा पीडित से धोखाधडीपूर्वक प्राप्त की गयी धनराशि को तत्काल ही अन्य खातों में स्थानान्तरित कर दिया जाता था।
अभियुक्त चन्द्रशेखर सिकरीवाल द्वारा साईबर धोखाधडी के लिये अपनी पत्नी के नाम से फर्म फार्माट्रिक्स इन्टरनेशनल ट्रेड प्रा0 लि0 गुड़गाँव में खोली गयी थी जिसका संचालन अभियुक्त चन्द्रशेखर सिकरीवाल द्वारा किया जा रहा है जिसके आईसीआईसीआई बैंक खाते में अभियुक्त द्वारा 20,00,000 रूपये की धनराशि पीडित से प्राप्त की गयी थी। प्रारम्भिक पूछताछ में अभियुक्त ने साईबर अपराध हेतु जिस बैंक खातों का प्रयोग किया गया है उसमें माह मार्च 25 में ही करोडो रूपयों का लेन-देन होना प्रकाश में आया है।












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