Harak Singh Rawat कांग्रेस नेता की सिख समाज पर अमर्यादित टिप्पणी को लेकर जमकर बवाल, भाजपा ने कह दी बड़ी बात
Harak Singh Rawat Controversy कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत के सिख समाज पर की गई अमर्यादित टिप्पणी को लेकर प्रदेश की सियासत गरमाई हुई है। हरक की टिप्पणी के बाद कांग्रेस बैकफुट पर आ गई है, हरक सिंह समेत कांग्रेस के दिग्गज नेता गुरुद्वारा में सेवा कर इसके लिए माफी भी मांग रहे हैं।
बता दें कि हरक सिंह ने सिख समाज से इसके लिए माफी भी मांगी है। जबकि भाजपा लगातार इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस को घेरने में जुटी है। भाजपा ने हरक सिंह रावत द्वारा सिख समाज पर की गई अमर्यादित टिप्पणी को कांग्रेस पार्टी की 1984 दंगों वाली घृणित मानसिकता करार दिया है।

पूर्व मंत्री एवं प्रदेश प्रवक्ता खजान दास ने कहा, उनके नेता माफी मांगने का लाख ढोंग करें, लेकिन लेकिन जनता उन्हें कभी माफ नहीं करने वाली है। वहीं चुनौती दी कि क्या वह ऐसी टिप्पणी अपने तुष्टिकरण वोट बैंक के लिए कर सकते हैं?
कांग्रेस नेताओं द्वारा लगाए जा रहे गुरुद्वारों के चक्कर को लेकर पूछे गए मीडिया सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने इसे कांग्रेस पार्टी का एक और अक्षम्य अपराध बताया है। पूर्व कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस की प्रदेश चुनाव प्रबंध कमेटी के अध्यक्ष द्वारा की गई अपमानजनक टिप्पणी बताती है कि कांग्रेस पार्टी की नजरों में स्वाभिमानी और बहादुर सिख समाज के लिए क्या अहमियत है।
लोग आज भी वो 1984 दंगों का वो दौर नहीं भूले हैं जिनमे हजारों सिख भाई बहिनों के खून से कांग्रेस नेताओं के हाथ रंगे हैं। देश गवाह है कि कैसे समाज को बांटने के लिए हिंदुओं और सिक्खों में वैमनस्य फैलाया गया। जनता को अच्छी तरह याद है कि सिक्खों के हत्यारों को केंद्र में मंत्री बनाकर रखती थी कांग्रेस पार्टी।
उन्होंने निशाना साधा कि आज बेशक कॉग्रेस के तमाम नेता गुरुद्वारों के चक्कर काट माफी मांगने का ढोंग कर रहे हैं। जबकि सच यह है कि हरक को अपने बयान पर कितना पश्चाताप था, यह तत्काल उनके द्वारा ये कहने से ही प्रतीत होता है कि मैने ये सब मजाक में कहा था। अर्थात आपकी जुबान नहीं फिसली, आप सोच समझ कर किए मजाक में ही सिख समाज का अपमान कर रहे थे।
हैरानी है कि कोई भी सभ्य, जिम्मेदार और संवेदनशील व्यक्ति ऐसा मजाक कैसे कर सकता है। इस घटनाक्रम से एक बात फिर से स्पष्ट होती है कि कांग्रेस पार्टी के अंदर किस तरह की सोच, संस्कार और सम्मान सिख एवं सनातन समाज के लिए है। उन्होंने सवाल किया, क्या कांग्रेस पार्टी अपने तुष्टिकरण वाले समुदाय के लिए ऐसी कोई भी टिप्पणी करने की हिम्मत कर सकती है। दूसरे ही क्षण वह नेता कांग्रेस में नहीं रह सकता है। लिहाजा वे लाख माफी मांगे, सिख समाज समेत समूची जनता उन्हें किसी भी कीमत पर माफ नहीं करने वाली हैं।












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