Enforcement directorate के दफ्तर पहुंचे कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत,जानिए किस मामले में हुई पूछताछ
Enforcement directorate कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत आज प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) के दफ्तर पहुंचे। हरक सिंह को कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के पाखरो केस में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। इसी मामले में बीते 14 अगस्त को सीबीआई भी हरक सिंह रावत से पूछताछ कर चुकी है। हरक सिंह रावत ने इससे संबंधित कई गोपनीय दस्तावेज भी सीबीआई को उपलब्ध कराए थे।
पाखरो रेंज में टाइगर सफारी बनाने में अनियमितताएं सामने आने के बाद विजिलेंस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। बाद में मामला सीबीआई को सौंप दिया गया। सीबीआई ने जांच को आगे बढ़ाते हुए हरक सिंह रावत से पूछताछ की। अब ईडी भी इस मामले में जांच कर रही है।

कॉर्बेट नेशनल पार्क के पाखरो रेंज में टाइगर सफारी की योजना बनाई गई थी। साल 2019 में कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के कालागढ़ टाइगर रिजर्व की पाखरो टाइगर रेंज सफारी बनाने के लिए 106 हेक्टेयर क्षेत्र में 163 पेड़ काटने की अनुमति दी गई थी। लेकिन बिना अनुमति के 6093 पेड़ काट दिए गए थे। जिसके बाद मामला सुर्खियों में आया।
पाखरो रेंज घोटाले के मामले में वर्ष 2022 में विजिलेंस के हल्द्वानी सेक्टर में मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में पूर्व डीएफओ किशनचंद समेत कुछ अधिकारियों को गिरफ्तार भी किया गया था। इसके बाद विजिलेंस ने पिछले साल अगस्त में विजिलेंस ने हरक सिंह रावत और उनके परिचितों के संस्थानों पर छापे मारे थे। हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई को जांच सौंप दी गई। विजिलेंस ने इस केस से जुड़े सभी दस्तावेज सीबीआई को सौंप दिए।
इसी बीच ईडी ने भी इसका संज्ञान ले लिया। बीते फरवरी 2024 में ईडी ने भी हरक सिंह रावत के घर और इससे जुड़े कुछ अधिकारियों के घरों पर छापे मारे थे। हरक सिंह के यहां से कुछ भी बरामद होने की सूचना नहीं थी। जबकि, एक अधिकारी के घर से कैश व अन्य सामान बरामद हुआ था। ईडी ने इस मामले में कई अधिकारियों से पूछताछ कर ली है। पाखरो टाइगर सफारी मामले में ईडी ने हरक सिंह रावत के साथ ही उनकी पत्नी उनके बेटे और उनकी बहू को भी पूछताछ के लिए समन भेज चुकी है।
इससे पहले हरक सिंह रावत की करीबी लक्ष्मी राणा से भी ईडी पूछताछ कर चुकी है। ईडी के छापे में कई जगहों से एक करोड़ रुपये से अधिक का कैश और लाखों रुपये से अधिक के जेवर बरामद हुए थे। ईडी ने पिछले दिनों हरक सिंह रावत, आईएफएस अफसर सुशांत पटनायक आदि के यहां छापे मारे थे। इस दौरान पटनायक के घर पर नोट गिनने के लिए मशीन भी पहुंची थी। इस बीच आईएफएस अधिकारी सुशांत पटनायक से भी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों ने लंबी पूछताछ की।
अब तक जो जांच पड़ताल में सामने आया है, उसके अनुसार कार्बेट पार्क के कालागढ़ डिवीजन के पाखरों रेंज में टाइगर सफारी के नाम पर 215 करोड़ के आसपास पैसा सही जगह नहीं लगा। इसमें मोटे कमीशन लेने का आरोप लगा है। जो कि विजिलेंस की जांच में बात सामने आई है। जिम कार्बेट टाइगर रिजर्व की पाखरों रेंज के 106 हेक्टेयर वन क्षेत्र में टाइगर सफारी बननी थी। 2019 में इसका निर्माण कार्य बिना वित्तीय स्वीकृत्ति के शुरू कर दिया गया। पेड़ काटने व अवैध निर्माण की शिकायत मिलने पर राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण की टीम ने स्थलीय निरीक्षण किया था। जिसमें अनियमितताएं सामने आई। इसके बाद मामला खुलता गया।












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