Char dham yatra 2024:ड्रोन और सीसीटीवी कैमरे से निगरानी,इन सबके सत्यापन जरुरी,पुलिस की ओर से जारी हुई गाइडलाइन
चार धाम यात्रा 2024 को लेकर पुलिस, प्रशासन की ओर से तैयारियां तेज हो गई हैं। 10 मई से चार धाम यात्रा शुरू होने जा रही है। 10 मई को केदारनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री के कपाट एक ही दिन खुलने जा रहे हैं। जबकि 12 मई को बद्रीनाथ के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुलेंगे।
इस बार श्रद्धालुओं के उत्साह को देखते हुए व्यवस्थाओं को पहले ही चाक चौबंद करने के लिए पुलिस और प्रशासन तैयारियों में जुटी है।

पीएचक्यू की ओर से ड्रोन और सीसीटीवी कैमरे से निगरानी बढ़ाने के साथ ही होटल, ढ़ाबे, दुकानें, सराय आदि पर काम करने वालों एवं घोड़े/खच्चर चलाने वालों आदि के सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए हैं।
चार धाम यात्रा की यातायात व्यवस्था को सही तरह से संचालित करने के लिए आज उत्तराखंड के अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था ए0पी0 अंशुमान ने वर्चुअल बैठक की। जिसमें चारों धामों के जिला प्रशासन पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। इसके लिए पुलिस मुख्यालय स्तर पर पुलिस उपमहानिरीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था, उत्तराखण्ड को नोडल अधिकारी नामित किया गया है।
जारी हुई गाइडलाइन
- देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, टिहरी, उत्तरकाशी, चमोली एवं रुद्रप्रयाग द्वारा चारधाम यात्रा के दौरान यातायात के सुचारु रुप से संचालन के लिए ट्रैफिक प्लान का जमकर प्रचार करें और जगह-जगह चारधाम यात्रा मार्ग सम्बन्धी साईन बोर्ड भी लगाये जाये।
- भीड़-भाड़ वाले स्थानों, पार्किंग स्थलों एवं अन्य महत्वपूर्ण स्थलों आदि पर पीए सिस्टम स्थापित किया जाए।
- जनपदों के मुख्य-मुख्य स्थानों में लगे सीसीटीबी कैमरों का ग्रीड बनाकर, उसकी फीड को जनपद के कन्ट्रोल रुम के साथ-साथ पुलिस उपमहानिरीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था के साथ भी शेयर किया जाये।
- यातायात प्रबन्धन के लिए ड्रोन का भी अधिक से अधिक प्रयोग किया जाये तथा उसके फीड को जिला कन्ट्रोल रुम से जोड़ा जाये।
- बाहरी राज्यों/जनपदों से चारों धामों एवं यात्रा मार्ग पर स्थित होटल, ढ़ाबे, दुकानें, सराय आदि पर काम करने वालों एवं घोड़े/खच्चर चलाने वालों आदि के समय से शत-प्रतिशत सत्यापन कराये जाये।
- बाहरी राज्यों से आने वाले वाहन चालकों को पर्वतीय मार्ग में यात्रा करने, भूस्खलन सम्भावित क्षेत्रों आदि के सम्बन्ध में नियमित रुप से जानकारी देकर ब्रीफ किया जाये।
- यात्रा मार्गों पर दिशा-निर्देशों के सम्बन्ध में विभिन्न भाषाओं में डिस्पले बोर्ड, होर्डिंग्स लगाये जाये।
- सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान के लिए एक व्हाटसएप ग्रुप बना लिया जाये।
- दुर्घटना सम्भावित क्षेत्रों एवं यातायात दबाव वाले स्थानों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जाये।
- चारों धामों में कार्मिकों की रोटेशन में डयूटियां लगायी जाये।
- साईबर फ्राड आदि शिकायतों के सम्बन्ध में जनपद स्तर पर एक सैल बनाया जाये।
- चारधाम के दौरान यातायात बाधित होने की स्थिति में सम्बन्धित थाना प्रभारी की जवाबदेही निर्धारित की जायेगी।
- यात्रा मार्ग पर समय से ब्लैक स्पॉट चिन्हित कराकर उनके बोर्ड लगाये जाये।












Click it and Unblock the Notifications