ब्लैक फंगस की दवा 'एम्फोटेरिसिन-बी' को लेकर उत्तराखंड सरकार ने SOP जारी की, अब यहां मिलेगी
देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने म्यूकोरमाइकोसिस (ब्लैक फंगस) की दवा 'एम्फोटेरिसिन-बी' कालाबाजारी की रोकथाम के लिए एक एसओपी जारी की है। सरकार ने कहा है कि, अब यह दवा केवल कोविड के लिए तय हेल्थ केयर सेंटरों, मेडिकल कॉलेजों और राज्य सरकार के संस्थानों में ही उपलब्ध होगी।

तेजी से बढ़ी ऐंटिफंगल दवा की मांग
'एम्फोटेरिसिन बी' को इन दिनों ब्लैक फंगस के इंफेक्शन को रोकने के लिए दिया जा रहा है, ऐसा इसलिए है क्योंकि ये ऐंटिफंगल दवा है। अस्पतालों में इस दवा की आपूर्ति कम होने की शिकायतें मिल रही हैं। वहीं, केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय का कहना है कि, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय औषध विभाग एवं विदेश मंत्रालय के साथ एम्फोटेरिसिन-बी दवा के घरेलू उत्पादन में बढ़ोतरी के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
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केंद्र सरकार का कहना है कि, इस दवा को वैश्विक उत्पादकों से आपूर्ति हासिल करके घरेलू उपलब्धता को पूरा करने के लिए प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, देश में एम्फोटेरिसिन-बी के पांच उत्पादक और एक आयातक हैं, जिनमें भारत सीरम और वैक्सीन लिमिटेड, बीडीआर फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड, सन फार्मा लिमिटेड, सिपला लिमिटेड, लाइफ केयर इनोवेशन और माईलैन लैब्स (आयातक) शामिल हैं। सरकार की ओर से कहा गया है कि, उपरोक्त घरेलू उत्पादक मई 2021 में कुल मिलाकर इस दवा की 1,63,752 शीशियों का उत्पादन करेंगे। फिर उत्पादन को जून 2021 के महीने में 2,55,114 शीशियों तक बढ़ाया जाएगा।












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