उत्तराखंड: मिशन 60+ के लिए BJP ने बनाया मास्टर प्लान, कमजोर कड़ियों से निपटने के लिए है खास तैयारी
भाजपा की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक मेंं उत्तराखंड चुनाव को लेेकर हुआ मंथन
देहरादून, 8 नवंबर। मिशन 2022 उत्तराखंड के लिए भाजपा ने अपनी रणनीति तैयार कर ली है। भाजपा उत्तराखंड में सत्ता में दोबारा काबिज होने के लिए अपने कमजोर कड़ी पर फोकस करना शुरू कर दिया है। भाजपा अपने कमजोर कड़ी को जिताने के लिए अपने बड़े चेहरों को चुनाव में उतारने जा रही है। मोदी, शाह और नड्डा के अलावा भाजपा केन्द्रीय मंत्रियों को कमजोर प्रत्याशियों वाली सीट पर प्रचार-प्रसार में लगाया जाएगा।

राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में तय हुई रणनीति
उत्तराखंड में मार्च से पहले सरकार का गठन होना है। ऐसे में अब चुनाव के लिए कम समय बचा हुआ है। राजनीतिक दल सत्ता पाने के लिए रणनीति पर काम करने में जुटे हैं। भाजपा इस बार उत्तराखंड में इतिहास दोहराने के लिए अपना पूरा जोर लगा रही है। दोबारा सत्ता पर काबिज होने के लिए भाजपा ने अपने पूरी रणनीति तैयार कर ली है। जिसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। रविवार को भाजपा की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक हुई। जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, पूर्व सीएम त्रिवेंद्र रावत, वरिष्ठ भाजपा नेता विजय बहुगुणा, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, लोक सभा सांसद अजय टम्टा ने हिस्सा लिया। इस दौरान भाजपा ने 2017 के चुनाव नतीजों के आधार पर अपनी रणनीति तैयार की है। भाजपा ने 70 विधानसभा सीटों को 4 हिस्सों में बांटा है। ए श्रेणी जहां निश्चित रुप से जीत है, बी जहां जीत सकते हैं, सी 50-50 परसेंट उम्मीद और डी जहां कांग्रेस का प्रभाव है। इस तरह से सी और डी भाजपा की कमजोर कड़ी है। इस कमजोर कड़ी वाली सीटों पर भाजपा अपने केन्द्रीय नेताओं, मंत्रियों को चुनावी मैदान में उतारेगी। इसके लिए सीटों का गणित और समीकरण देखा जाएगा। जिस समुदाय विशेष का सीट पर प्रभुत्व होगा। उस कैडर के नेता की सीट पर जिम्मेदारी सुनिश्चिचित की जाएगी।

30 से ज्यादा सिटिंग विधायकों पर लटक रही तलवार
भाजपा इस बार मिशन 60 प्लस को लेकर चुनाव में जा रही है। जिसको पाना आज की परिस्थितियों में आसान नहीं लग रहा है। भाजपा इस बार चुनाव में कुछ सीटों पर नए प्रयोग भी कर सकती है। ऐसे में खराब परफोर्मेंस वाली सीटों पर विधायकों के टिकट काटकर नए चेहरों को उतारा जा सकता है। साथ ही कुछ चेहरे दूसरी सीट पर एडजस्ट किए जा सकते हैं। ऐसे में टिकट बंटवारे से पहले तैयार किए गए सर्वे रिपोर्ट भी टिकट बंटवारा का मजबूत फॉर्मूला बन सकता है। भाजपा हाईकमान को विधायकों का सर्वे मिल चुका है। जिसके आधार पर टिकट को लेकर मंथन हो सकता है। भाजपा सूत्रों का दावा है कि 30 से ज्यादा सिटिंग विधायकों के टिकट कट सकते हैं।

2025 तक का खाका तैयार
भाजपा राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में राजनैतिक प्रस्ताव पर भी चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हुए विकास कार्यों का जिक्र किया है। धामी ने राम मंदिर, धारा 370, तीन तलाक, शक्तिशाली भारत के सम्पूर्ण विकास के मुद्दे का भी जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में केंद्र सरकार ने करीब एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाएं प्रदेश के लिए स्वीकृत की हैं। जिनमें से बहुत सी योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं और अन्य पर कार्य चल रहा है। सीएम ने कहा कि पहाड़ में रेल के सपने को पीएम मोदी ने साकार किया है। आज ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना तथा सामरिक दृष्टि एवं भौगोलिक दृष्टि से महत्वपूर्ण टनकपुर-बागेश्वर रेल परियोजना पर तेजी से काम हो रहा है। इसी प्रकार, चार धाम ऑल वेदर रोड, भारत माला प्रोजेक्ट पर भी तेज गति से काम किया जा रहा है। चार धाम यात्रा उत्तराखंड की लाइफ लाइन है। ये परियोजनाएं, जहां चारधाम यात्रा को सुगम बनाएंगी, पर्यटन को बढ़ावा देगी वहीं हमारी अर्थव्यवस्था में क्रांतिकारी परिवर्तन भी लाएंगी। धामी ने कहा कि 2025 में जब उत्तराखंड अपनी स्थापना की रजत जयंती मना रहा होगा, हम उतराखंड को देश के सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए संकल्पबद्ध हैं।












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