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उत्तराखंड में चुनाव से पहले भाजपा का बड़ा दांव, इस दिग्गज नेता को मिल सकती है प्रदेश की कमान

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देहरादून, 16 अक्टूबर। उत्तराखंड में एक बार फिर भाजपा के अंदर बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत को उत्तराखंड में भाजपा बड़ी जिम्मेदारी सौंपने जा रही है। शनिवार को हरक​ सिंह रावत​, रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ को लेकर दिल्ली पहुंच गए। दिल्ली में दोनों नेताओं की भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत आला नेताओं से मुलाकात हो रही है। हरक सिंह को चुनाव अभियान की कमान या प्रदेश अध्यक्ष में से कोई बड़ी जिम्मेदारी सौंपने की चर्चांए तेज हो गई है।

बागियों के बहाने हरक पर दांव

बागियों के बहाने हरक पर दांव

उत्तराखंड में भाजपा चुनाव से पहले एक और परिवर्तन कर सकती है। हरक सिंह रावत को भाजपा अपने पाले में रखने के लिए नया दांव खेल रही है। यशपाल आर्य के भाजपा छोड़कर कांग्रेस में जाने के बाद से भाजपा डेमेज कंट्रोल करने में जुटी है। इसके लिए बागी नेताओं को पार्टी मनाने में जुटी है। हरक सिंह को लेकर सबसे ज्यादा कांग्रेस में जाने की चर्चा है। इतना ही नहीं जिस तरह से हरक सिंह पार्टी के खिलाफ ही कई बार मोर्चा खोल चुके हैं, उससे पार्टी हरक को जिम्मेदारी देकर अपने साथ रखने को मजबूर कर देगी। इससे हरक भाजपा के पाले में रहकर पार्टी के खिलाफ बयानबाजी नहीं कर पाएंगें।

हरीश के सामने हरक ही कद्दावर

हरीश के सामने हरक ही कद्दावर

उत्तराखंड भाजपा को इस समय कांग्रेस से दो-दो हाथ करने के लिए जिस तरह के कद्दावर नेता की जरुरत है। उसमें हरक सिंह हर समीकरण में फिट बैठते हैं। हरक सिंह ने हरीश रावत के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है। हरीश रावत कांग्रेस के चुनाव अभियान की कमान संभाल रहे हैं। ऐसे में हरक को अगर भाजपा चुनाव अभियान की कमान सौंपती है। तो हरीश का सीधा मुकाबला करने के लिए हरक भाजपा का बड़ा हथियार साबित होंगे। इसके अलावा अगर हरक को प्रदेश अध्यक्ष की कमान मिलती है। तो वे गढ़वाल, कुमाऊं, के समीकरणों को संतुलित कर देंगें। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कुमाऊं के जबकि हरक सिंह गढ़वाल के ठाकुर चेहरा हैं। वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक तराई सीट से आते हैं। इस तरह से भाजपा हरक सिंह रावत को किसी भी सीट पर फिट मानकर चल रही है। इसके अलावा हरक सिंह रावत कई बार चुनाव न लड़ने की इच्छा जता चुके हैं। प्रदेश अध्यक्ष और चुनाव अभियान प्रमुख दोनों पदों पर चुनाव न लड़ने वाले नेता को बिठाने से चुनाव को सही रणनीति के साथ लड़ा जा सकता है।

काऊ को भी मिलेगा ईनाम

काऊ को भी मिलेगा ईनाम

हरक​ सिंह रावत​ के साथ रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ भी दिल्ली पहुंचे हैं। काऊ पिछले दिनों से मीडिया में चर्चा का विषय बने हुए हैं। जिसमें दावा किया जा रहा है कि वे यशपाल आर्य के साथ ही कांग्रेस ज्वाइन करने दिल्ली पहुंच गए थे, लेकिन अंतिम समय में भाजपा मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी के फोन पर भाजपा नहीं छोड़ी। जिससे अब काऊ को इसका ईनाम मिलने की संभावना जताई जा रही है। काऊ को यशपाल आर्य की जगह खाली कैबिनेट की सीट और 2022 का टिकट पक्का करने की संभावना जताई जा रही है। दोनों नेताओं के एक साथ दिल्ली पहुंचने को प्रेशर पॉलिटिक्स मानी जा रही है।

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English summary
BJP's big bet before elections in Uttarakhand, this veteran leader can get the command of the state
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