बाबा तरसेम सिंह हत्याकांड: उत्तराखंड STF की अरोपियों साथ मुठभेड़, 1 की मौत, दूसरा फरार
Baba Tarsem Singh murder: उत्तराखंड के चर्चित बाबा तरेसम सिंह हत्याकांड मामले में 12वें दिन एसटीएफ ने बड़ा एक्शन लिया है। आरोपियों की पकड़ने के लिए उत्तराखंड एसटीएफ और हरिद्वार पुलिस ने अभियान चला रखा था। लेकिन थाना भगवानपुर क्षेत्र में जब एसटीएफ और पुलिस से मामले के आरोपियों का सामना हुआ तो वे गोली चलाने लगे। जवाबी कार्रवाई में एसटीएफ की ओर की गई फायरिंग में एक आरोपी की गोली लगने से मौत हो गई। जबकि दूसरा मौके से फरार हो गया।
उत्तराखंड के डीजीपी अभिनव कुमार ने बताया कि 28 मार्च को श्री नानकमत्ता साहिब गुरुद्वारा डेरा कार सेवा के प्रमुख बाबा तरसेम सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी मामले में ओरोपी अमरजीत सिंह को उत्तराखंड एसटीएफ और हरिद्वार पुलिस ने थाना भगवानपुर क्षेत्र में मुठभेड़ में मार गिराया है। जबकि हत्यारोपी का दूसरा साथी फरार हो गया है। उसकी एसटीएफ और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

डीजीपी ने कहा, "बाबा की हत्या को उत्तराखंड पुलिस ने चुनौती के रूप में लिया था और लगातार एसटीएफ और पुलिस दोनों हत्यारों की तलाश कर रही थी। उत्तराखंड में ऐसे जघन्य अपराध करने पर पुलिस अपराधियों से सख्ती से निपटेगी।"
डेरा कार सेवा नानकमत्ता के जत्थेदार बाबा तरसेम सिंह की हत्या और हत्या का षड्यंत्र रचने में शामिल कुल सात आरोपियों को अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है। उनके दो सहयोगों को उत्तराखंड एसटीएफ की तलाश थी। सोमवार को दोनों आरोपी जैसे नजर आए, उन्होंने पुलिस और एसटीएफ की टीम पर हमला कर दिया। जवाब फायरिंग में एक आरोपी की गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा आरोपी फरारहो गया।
अब तक सात आरोपी गिरफ्तार
इससे पहले पिछले हफ्ते एक प्रेस वार्ता में नानकमत्ता पुलिस थाने में एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने पत्रकारों को बताया कि बाबा तरसेम सिंह की हत्या के षड्यंत्र में तुलापुर, बिलसंडा, पीलीभीत निवासी परगट सिंह को शनिवार देर रात मेलाघाट रोड, झनकईया, खटीमा से गिरफ्तार किया गया। केशोवाला मोड, बाजपुर निवासी जसपाल सिंह भट्टी को जेल रोड, रामपुर, यूपी से और बन्नाखेड़ा बाजपुर निवासी सुखदेव सिंह गिल उर्फ सोनू गिल को रविवार को बाजपुर क्षेत्र से पकड़ा गया।












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