Avalanche Updates: केदारनाथ मंदिर के पास गांधी सरोवर में भारी हिमस्खलन, देखकर कांप जाए रूह
Avalanche Hits Gandhi Sarovar: 'काल भी उसका क्या बिगाड़े जो भक्त हो महाकाल का'...यह पक्तियां सभी ने सुनी होंगी। लेकिन रविवार को घटी घटना के लिए यह एक सटीक उदाहरण है। दरअसल, उत्तराखंड के केदारनाथ में गांधी सरोवर में हिमस्खलन (Avalanche) की घटना सामने आई है। गनीमत रही कि अभी तक किसी के हताहत होने या संपत्ति के नुकसान की कोई खबर नहीं है। हालांकि, इसका असर चार धाम तीर्थ स्थल पर जरूर नजर आ सकता है।
रविवार को उत्तराखंड के केदारनाथ में गांधी सरोवर के ऊपर हिमस्खलन हुआ। समाचार एजेंसी पीटीआई द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में ढलान से नीचे की ओर बढ़ते हिमस्खलन को कैद किया गया है।

रुद्रप्रयाग की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. विशाखा अशोक भदाणे ने एएनआई को बताया कि आज सुबह करीब 5 बजे केदारनाथ में गांधी सरोवर के ऊपर हिमस्खलन हुआ, जिसमें किसी के हताहत होने या संपत्ति के नुकसान की खबर नहीं है। आपको बता दें कि 18 जून को रुद्रप्रयाग में केदारनाथ मार्ग पर एक ढाबे के ढहने से मध्य प्रदेश और हरियाणा के सात तीर्थयात्री घायल हो गए।
28 दिनों में 710,698 तीर्थयात्रियों ने केदारनाथ धाम के दर्शन किए
इस माह के प्रारम्भ में केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं का भारी जमावड़ा देखा गया। 6 जून तक श्रद्धालुओं की संख्या 700,000 से अधिक हो गई। रुद्रप्रयाग के जिला मजिस्ट्रेट के अनुसार, 10 मई से अब तक केवल 28 दिनों में 710,698 तीर्थयात्रियों ने विश्व प्रसिद्ध 11वें ज्योतिर्लिंग केदारनाथ धाम के दर्शन किए। 22 मई को राज्य की मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने एक परामर्श जारी कर उत्तराखंड सरकार द्वारा चारधाम यात्रा में भाग लेने वाले सभी तीर्थयात्रियों के लिए पंजीकरण अनिवार्य कर दिया।
क्या बोले सीएम धामी?
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने कहा कि सड़कों, हवाई यातायात और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास के कारण पिछले साल की तुलना में चारधाम यात्रा के लिए दोगुने तीर्थयात्री राज्य में आए हैं। पिछले साल कुल 19 लाख तीर्थयात्री केदारनाथ आए थे, जबकि इस साल 10 लाख तीर्थयात्री पहले ही आ चुके हैं।
दो सालों में हिमस्खलन से इतनों की मौत!
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले दो सालों में उत्तराखंड में हिमस्खलन की घटनाओं से कई लोगों की जानें गई हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2022 में उत्तरकाशी जिले में द्रौपदी का डांडा पर्वत पर हुए हिमस्खलन में 27 पर्वतारोहियों की मौत हुई थी। इसके अतिरिक्त, चमोली जिले में 2021 में सुमना क्षेत्र में हुए हिमस्खलन में 15 लोगों की मौत की पुष्टि हुई।
क्या होता है हिमस्खलन (Avalanche) ?
यह एक प्राकृतिक घटना है, जिसमें बर्फ की एक बड़ी मात्रा अचानक पहाड़ की ढलान से नीचे गिरती है। यह घटना अक्सर बर्फबारी के बाद होती है, जब नई गिरी हुई बर्फ पुराने बर्फ की परत के साथ समायोजित नहीं हो पाती। इसके परिणामस्वरूप बर्फ की परतें टूट जाती हैं और बड़ी तेजी से नीचे की ओर गिरने लगती हैं। यह तीन तरह का होता है। जिसमें सूखी बर्फ का हिमस्खलन, गीली बर्फ का हिमस्खलन और प्लेट हिमस्खलन शामिल है।












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