रिजॉर्ट से गायब, नहर में मिली लाश, 500 पेज की चार्जशीट में दर्ज सच, पढ़ें अंकिता मर्डर केस की पूरी टाइमलाइन
Ankita Bhandari Murder Case: अंकिता भंडारी हत्याकांड में कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। कोटद्वार की अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने फैसला सुनाते हुए तीनों आरोपियों पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को दोषी करार दिया है। तीनों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है और साथ में 50-50 हजार का जुर्माना भी लगाया गया है।
उत्तराखंड की रहने वाली 19 साल की लड़की अंकिता भंडारी की हत्या 18 सितंबर 2022 को की गई थी। देशभर में ये केस चर्चाओं में था...क्योंकि इसमें कुछ वीआईपी लोगों के नाम जुड़े थे। इस मामले में पुलिस ने पूरे 500 पन्नों की चार्जशीट दर्ज की है और कोर्ट में अब तक 97 गवाह पेश किए गए। इस पूरे मामले की जांच एसआईटी ने की है।

18 सितंबर 2022 को अंकिता रहस्यमयी तरीके से लापता हो गई थी। उसके बाद एक नहर से शव बरामद हुआ था। अंकिता भंडारी के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने कोर्ट के फैसले से पहले कहा है कि वो चाहते हैं कि उनकी बेटी के हत्यारे को फांसी की सजा मिले। वीरेंद्र सिंह भंडारी ने कहा है कि उन्हें इस देश की न्याय पालिका पर पूरा भरोसा है। ऐसे में आइए जानते हैं अंकिता मर्डर केस की पूरी टाइमलाइन...।
Ankita Bhandari Murder Case Timeline: अंकिता मर्डर केस की टाइमलाइन
🔴 19 वर्षीय अंकिता भंडारी पौड़ी जिले के यमकेश्वर स्थित वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थीं।18 सितंबर 2022 को वह अचानक लापता हो गईं और 24 सितंबर को उसका शव ऋषिकेश के निकट चीला नहर से बरामद हुआ। इस मामले में पुलिस ने भाजपा से निष्कासित नेता विनोद आर्य के बेटे पुलकित आर्य को मुख्य आरोपी बनाया।
🔴 विनोद आर्य और पुलकित आर्य पर आरोप है कि उसने अपने दो सहयोगियों-सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता के साथ मिलकर अंकिता की हत्या की। आरोपियों ने पूछताछ में हत्या की बात कबूल कर ली है।
🔴 मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया, जिसने 500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की और 97 गवाहों के बयान दर्ज किए। फॉरेंसिक रिपोर्ट में अंकिता के साथ किसी तरह से दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या से पहले शारीरिक प्रताड़ना के संकेत मिले हैं।
🔴 इस मामले के मुख्य आरोपी पुलकित और उसके दो साथी अंकित गुप्ता और सौरभ भास्कर इस समय जेल में बंद हैं। इस घटना ने राजनीतिक हलकों में भी हलचल मचाई थी। इस घटना के बाद भाजपा ने पुलकित के पिता विनोद आर्य और भाई अंकित आर्य को पार्टी से निष्कासित कर दिया। स्थानीय लोगों ने न्याय की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किए और रिजॉर्ट में तोड़फोड़ की।












Click it and Unblock the Notifications