अल्मोड़ा: हरीश रावत समेत कांग्रेसी दिग्गजों ने किया कलेक्ट्रेट में जोरदार हंगामा, BJP बोली-अलोकतांत्रिक कृत्य
अल्मोड़ा-हल्द्वानी हाईवे पर स्थित क्वारब और कैंची मार्ग पूरे कुमाऊं क्षेत्र के लिए बन रही समस्या को देखते हुए कांग्रेस ने कलेक्ट्रेट में जमकर हंगामा काटा। इस दौरान कलेक्ट्रेट के अंदर घुसने को लेकर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का मुक्की भी हुई।
कांग्रेसियों ने ऐलान किया कि समस्या का समाधान न होने तक ये लड़ाई जारी रहेगी। प्रदर्शन में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, गोविंद सिंह कुंजवाल और विधायक मनोज तिवारी समेत सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल रहे।

अल्मोड़ा और नैनीताल जिले पर क्वारब के पास खस्ताहाल मार्ग में कैंची धाम मार्ग पर घंटों जाम की समस्या हो रही है। जिससे लोगों की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी को मुद्दा बनाकर कांग्रेस ने अल्मोड़ा में प्रदर्शन कर कलेक्ट्रेट में धरना दिया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ जुलूस की शक्ल में कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस की ओर से बैरिकेडिंग की गई थी।
जिस पर कांग्रेसी आक्रोशित हो गए। इस दौरान पुलिस और कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के बीच धक्का मुक्की शुरू हो गई। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अंदर घुसकर धरने पर बैठ गए और मुख्यमंत्री सहित जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि कहीं सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि हम सरकार की कमर पर चोट करेंगे। क्योंकि उन्होंने अल्मोड़ा, बागेश्वर, चंपावत, पिथौरागढ़ सहित अनेक पहाड़ी जिलों की अर्थव्यवस्था पर चोट की है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि सरकार ने इस क्षेत्र की अनदेखी की है। कैंची धाम में 4 से 5 घंटे का जाम लग रहा है। भाजपा ने शीर्ष कांग्रेस नेताओं के नेतृत्व में अल्मोड़ा स्थित सरकारी ऑफिस में घुसकर उग्र प्रदर्शन की कड़े शब्दों में भर्त्सना की है। साथ ही इसे संविधान बचाने का दावा करने वालों का असली अलोकतांत्रिक चेहरा बताया।
प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान ने कहा, अल्मोड़ा में किए इस अलोकतांत्रिक कृत्य से साबित हुआ है कि कांग्रेस पार्टी का संविधान और लोकतंत्र में विश्वास नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के बड़े नेता जेब में संविधान की किताब लेकर घूमते हैं और लोकतंत्र बचाने का दावा करते हैं। लेकिन जिस तरीके से मुख्य विपक्षी दल ने संविधान की अवहेलना करते हुए कानून अपने हाथ में लिया है वह घोर निंदनीय है।
कांग्रेसियों ने एक सरकारी दफ्तर में घुसकर उग्र प्रदर्शन तथा प्रशासनिक तंत्र को धमकाने और उनके कामकाज में बाधा डालने का काम किया है। कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि यह सब घटनाक्रम उनके बड़े नेताओं की मौजूदगी में अंजाम दिया गया। वहां पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और तमाम विधायक मौजूद थे और वह अनियंत्रित भीड़ का नेतृत्व कर रहे थे। कांग्रेस की यह गुंडागर्दी और अराजक मानसिकता को लेकर कानून तो अपना काम करेगा ही, साथ ही जनता भी देख रही है और समय आने पर चुनावों में अवश्य करारा ज़बाब देगी।












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