कैलाश विजयवर्गीय की एंट्री के बाद कांग्रेस के बड़े नेताओं ने संभाला देहरादून में मोर्चा, जानिए क्या है मसला
कांग्रेस ने सरकार बनाने के लिए भेजी अपने नेताओं की टीम
देहरादून, 8 मार्च। उत्तराखंड में चुनाव परिणाम से पहले ही भाजपा और कांग्रेस अपनी-अपनी रणनीति तैयार करने में जुट गए हैं। भाजपा ने जहां राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय को पहले ही देहरादून भेजकर रणनीति तैयार करनी शुरू कर दी है। वहीं कांग्रेस ने भी दिल्ली से अपनी टीम भेजकर साफ संकेत कर दिया कि इस बार वे किसी भी सूरत में हाथ से सत्ता को खोने नहीं देना चाहते हैं। मंगलवार को देहरादून में कांग्रेस ने अपने रणनीतिकारों के साथ मतगणना और सरकार बनाने को लेकर मंथन किया है।

जोड़तोड़ को लेकर सक्रिय हुई कांग्रेस
चुनाव बाद सामने आए रूझान और एग्जिट पोल के अनुमान के बाद कांग्रेस पहले से ज्यादा सतर्क नजर आ रही है। भाजपा पर जोड़तोड़ का आरोप लगाकर पहले ही कांग्रेस ने अपने प्रत्याशियों और नेताओं की घेराबंदी शुरू कर दी है। ऐसे में हाईकमान भी अलर्ट हो गया है। इसके लिए पार्टी ने दिल्ली से सीनियर और रणनीतिकारों को देहरादून भेजा है। जिन्होंने देहरादून पहुंचकर प्लानिंग पर फोकस करना शुरू कर दिया है। उत्तराखंड में कांग्रेस के प्रमुख रणनीतिकारों में प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव, तीनों सह प्रभारी दीपिका पांडे सिंह, कुलदीप इंदौरा, राजेश धर्माणी, मुख्य पर्यवेक्षक मोहन प्रकाश जोशी के अलावा सांसद व सीईसी सदस्य दिपेंद्र हुड्डा, स्क्रीनिंग कमेटी के चेयरमैन अविनाश पांडे, महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री डीएम पाटिल, एमपी के पूर्व मंत्री जीतू पटवारी, राजस्थान के मंत्री राजेंद्र यादव, झारखंड की मंत्री बना गुप्ता के अलावा लोकसभा के पांचों पर्यवेक्षक चुनाव परिणाम तक मॉनिटरिंग करेंगे। इसके साथ ही इन सभी पर पार्टी की सरकार बनाने की जिम्मेदारी भी रहेगी।
हाईकमान हुआ अलर्ट, करो या मरो की स्थिति
प्रदेश में इस समय कांग्रेस के लिए करो या मरो की स्थिति है। इस बार कांग्रेस अगर सरकार नहीं बना पाई तो केन्द्र में भी 2024 की कांग्रेस को उम्मीद ना के बराबर ही रहेगी। इसी बात को समझते हुए कांग्रेस पार्टी ने उत्तराखंड पर पूरा फोकस करना शुरू कर दिया है। एग्जिट पोल में भी उत्तराखंड में कांग्रेस को कांटे की टक्कर मान रहे हैं। ऐसी स्थिति में कांग्रेस के पास अब एक-एक प्रत्याशी अहम हो गया है। भाजपा की रणनीति को देखते हुए और बड़े नेताओं के देहरादून में डेरा डालने के बाद कांग्रेस अपने कुनबा बचाने में जुट गई है। किसी भी तरह की विपरीत परिस्थिति से निपटने को भी कांग्रेस ने अपने बड़े रणनीतिकारों को देहरादून भेजा है। इसमें सबसे बड़ा नाम सीईसी सदस्य दिपेंद्र हुड्डा का लिया जा रहा है। इसके अलावा हुड्डा के अलावा अविनाश पांडे, डीएम पाटिल, जीतू पटवारी, राजेंद्र यादव, बना गुप्ता भी कांग्रेस के अहम किरदार बताए जा रहे हैं। जो कि सरकार बनाने के अभियान में पूरा योगदान देंगे। ये सभी हाईकमान के प्रमुख रणनीतिकार बनकर उत्तराखंड में मिशन सरकार बनाओ में जुट गए हैं। जो कि 10 मार्च और उसके बाद की पूरी पिक्चर पर अपनी पैनी नजर रखेंगे। मंगलवार को इन सभी नेताओं के साथ उत्तराखंड कांग्रेस के बड़े नेता पूर्व सीएम हरीश रावत, प्रीतम सिंह, गणेश गोदियाल, यशपाल आर्य समेत सीनियर नेताओं ने मंथन किया। साथ ही अपने सभी प्रत्याशियों को सतर्क रहने के साथ ही हर जिले में मतगणना को लेकर टीम तैयार करने की बात की है। जो कि चुनाव परिणाम तक जिलों में रहकर अपनी मॉनिटरिंग भी करेंगे।












Click it and Unblock the Notifications