पहली बार सड़क मार्ग से यहां से आदि कैलाश यात्रा की 13 मई से होगी शुरूआत,शिव भक्तों के लिए क्यों है खास
भगवान शिव के भक्तों के लिए एक बड़ी राहत और खुशखबरी सामने आई है। केएमवीएन ने टनकपुर से सड़क मार्ग से कुमाऊं मंडल को पूर्ण रूप से आदि कैलाश यात्रा से जोड़ने का प्रयास किया है। श्रद्धालुओं के लिए कुमाऊं मंडल विकास निगम इस बार 13 मई से आदि कैलाश यात्रा शुरू करने जा रहा है।

केएमवीएन की ओर से पहली बार टनकपुर से भी सड़क मार्ग से आदि कैलाश की यात्रा शुरू होगी। इससे पहले यात्री काठगोदाम से आदि कैलाश की यात्रा करते रहे हैं। आदि कैलाश यात्रा के लिए अभी तक 210 श्रद्धालुओं ने कुमाऊं मंडल विकास निगम में बुकिंग कराई है। इसमें टनकपुर से आदि कैलाश के लिए पांच बुकिंग हुुई है। पिछले साल 315 श्रद्धालुओं ने आदि कैलाश की यात्रा की थी।
केएमवीएन की ओर काठगोदाम से आदि कैलाश की यात्रा आठ दिन में पूर्ण होती है। इससे श्रद्धालुओं को कैंची, जागेश्वर, पाताल भुवनेश्वर समेत अन्य मंदिरों के भी दर्शन कराए जाते हैं लेकिन पहली बार इस साल टनकपुर से सड़क यात्रा से श्रद्धालु चंपावत, पिथौरागढ़ होते हुए आदि कैलाश की यात्रा पांच दिन में कर पाएंगे। टनकपुर से यात्रा करने पर तीन दिन का समय बचेगा। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आदि कैलाश यात्रा पर आ चुके हैं। ऐसे में अब भक्तों को ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। जिससे आदि कैलाश यात्रा में अधिक श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच सके।
आदि कैलाश जिसे कैलाश के ही बराबर माना जाता है। कैलाश मानसरोवर के लिए जहां चीन सरकार के वीजा की आवश्यकता होती हैं। वहीं आदि कैलाश के देश में ही होने से मात्र इनर लाइन परमिट की आवश्यकता होती है। आदि कैलाश तक सड़क बनने के बाद से ज्योलिंगकोंग तक वाहन से पहुंचा जा रहा है। आदि कैलाश तक मार्ग बनने के बाद आदि कैलाश पहुंचने वाले तीर्थयात्रियों और पर्यटकों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ज्योलिंगकोंग आने के बाद आदि कैलाश को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन के रूप में पहचान मिली है।












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