Uttarakhand: 5 माह में 13 बाघों की मौत, उत्तराखंड में बाघों की मौत पर केंद्र ने मांगी रिपोर्ट
उत्तराखंड में बाघों की मौत को केंद्र ने गंभीरता से लिया है। इसको लेकर रिपोर्ट तलब की है। देश के महानिदेशक वन सीपी गोयल ने उत्तराखंड वन विभाग के अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है।
उत्तराखंड में बाघों की मौत को केंद्र ने गंभीरता से लिया है। इसको लेकर रिपोर्ट तलब की है। देश के महानिदेशक वन सीपी गोयल ने उत्तराखंड वन विभाग के अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। बता दें कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पहले ही बाघों की मौत पर गंभीरता दिखाते हुए इस संबंध में शीघ्र जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए थे।

उत्तराखंड में बीते पांच माह में 13 बाघों की मौत के मामले में केंद्र सरकार ने गंभीरता से लिया है। बाघों की मौत के सर्वाधिक मामले कुमाऊं में सामने आ रहे हैं। 13 में से 10 मामले कार्बेट टाइगर रिजर्व सहित कुमाऊं वन प्रभागों के है। इस संबंध में मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक उत्तराखंड वन विभाग की ओर से पहले ही जांच के निर्देश दिए जा चुके हैं, लेकिन अभी फाइनल रिपोर्ट नहीं आई है। राज्य सरकार भी पहले ही इस मामले में सख्त नजर आ रही है।
सीएम धामी ने भी कहा है कि किसी भी स्तर पर कर्मचारियों या अधिकारियों की लापरवाही की बात सामने आई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। बताया जा रहा है कि बाघों की मौत के मामलों की जांच कुमाऊं चीफ पीके पात्रों को सौंपी गई है। जो कि अपनी रिपोर्ट सौंप चुके हैं। कुछ बिंदुओं पर जांच बाकि है। जो कि दो से तीन दिनों में शासन को सौंपी जा सकती है। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, देशभर में इस साल बीते पांच महीने में कुल 76 बाघों की मौत हुई है। इनमें 12 बाघ केवल उत्तराखंड में मारे गए। बीते दो जून को भी कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में एक बाघ का शव मिला था। ऐसे में अब तक यहां 13 बाघों की जान जा चुकी है। जो कि चिंता का विषय बना हुआ है।












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