योगी ने मंत्रियों व प्रशासनिक अफसरों को पढ़ाया सुशासन का पाठ, "सरकार आपके द्वार" अभियान से कितनी बदलेगी इमेज ?
लखनऊ, 26 अप्रैल: उत्तर प्रदेश में प्रचंड बहुमत से दूसरी बार सत्ता में आई बीजेपी सरकार के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अब मंत्रियों और प्रशासनिक अफसरों को सुशासन का पाठ पढ़ाना शुरू कर दिया है। मंगलवार को मंत्रिपरिषद की बैठक के दौरान साफतौर पर कहा कि शपथ लेने के अगले तीन माह की अवधि के भीतर सभी मंत्रियों को अपने और अपने परिवार के सदस्यों की समस्त चल-अचल संपत्ति की सार्वजनिक घोषणा करें। साथ ही प्रशासनिक अफसरों को भी निर्देश दिया कि अपनी व परिवार के सदस्यों की समस्त चल एवं अचल संपत्ति की सार्वजनिक घोषणा करें। साथ योगी ने यूपी के सभी 18 मंडलों के प्रभारियों की भी नियुक्ति कर दी जिनको भ्रमण की जिम्मदारी सौंपी गई है।

योगी के आदेश के बाद मंत्रियों एव अफसरों की बढ़ी टेंशन
योगी ने बैठक के दौरान कई दिशा निर्देश जारी किए। योगी ने कहा कि यह विवरण आमजनता को देखने के लिए भी ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध कराया जाए। सीएम ने कहा कि सभी मंत्री यह सुनिश्चित करें कि शासकीय कार्यों में उनके पारिवारिक सदस्यों का कोई हस्तक्षेप नहीं हो। हमें अपने आचरण से आदर्श प्रस्तुत करना होगा। इसके लिए ये कई कदम उठाए जाने बहुत आवश्यक हैं। योगी के इस फरमान के बाद अफसरों और मंत्रियों की टेंशन बढ़ गई है।

PM मोदी के अंत्योदय के सकल्प को पूरा करें
मंत्रिपरिषद के समक्ष सभी विभागों के सांगठनिक व्यवस्था से अवगत होते हुए विगत 5 वर्ष में विभाग की उपलब्धियों के परिचय के साथ आगामी 100 दिन, 06 माह, 01 वर्ष, 02 वर्ष और 05 वर्ष की कार्ययोजना का प्रस्तुतिकरण संपन्न हो चुका है। अब इस कार्ययोजना को यथार्थ रूप देने का समय है। सभी मंत्री विभागीय अधिकारियों का मार्गदर्शन करें। परियोजनाओं में गुणवत्ता और समयबद्धता को सुनिश्चित कराएं। प्रधानमंत्री मार्गदर्शन में हम सभी को अंत्योदय के संकल्प को पूरा करने के लिए प्राण-प्रण से जुटना होगा।

मंत्रियों को भ्रमण के दौरान लगानी होगी जन चौपाल
भ्रमण के दौरान जन चौपाल का कार्यक्रम अवश्य करें। सीधा जनता से संवाद करें। किसी एक विकास खंड/तहसील के औचक निरीक्षण करे। दलित एवं मलिन बस्ती में सहभोज का कार्यक्रम रखें। विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करें। गुणवत्ता की परख करें। शासन की लोक कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों से भेंट करें। कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए महिला सुरक्षा के मामलों, एससी एवं एसटी के प्रकरणों में अभियोजन की स्थिति, पुलिस पेट्रोलिंग, बाल यौन अपराधों, व्यापरियों की समस्याओं, गैंगस्टर पर कार्रवाई आदि का पूरा विवरण देखें। मंत्री समूहों के हर सदस्य को रात्रि विश्राम किसी जिले में ही करना होगा। रात्रि विश्राम सरकारी अतिथि गृह में ही करना सुनिश्चित करें।

मुखयमंत्री कार्यालय में देनी होगी मंत्रियों को भ्रमण रिपोर्ट
हर टीम अपनी भ्रमण रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय के समक्ष प्रस्तुत करेगी। मंत्रिपरिषद की बैठक में मंत्री समूह की आकलन रिपोर्ट पर चर्चा होगी। तदनुसार जनहित में और कदम उठाए जाएंगे। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में विगत 5 वर्ष में टीम यूपी ने जन अपेक्षाओं के अनुरूप विकास और सुशासन का मॉडल प्रस्तुत किया है। अब हमारी प्रतिस्पर्धा हमसे ही है। हमें जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप आचरण करते हुए प्रदेश के समग्र विकास के लिए कार्य करना होगा।

विदेश दौरों से लौटने के बाद बताना होगा अपना अनुभव
राज्यमंत्री को कार्य आवंटन पूर्ण हो गया है। यह सुनिश्चित किया जाए कि विभागीय बैठकों में राज्यमंत्री को जरूर सम्मिलित हों। दूसरे राज्यों एवं राष्ट्रों के दौरे पर जाने वाले मंत्री और अधिकारी वापस लौटने के उपरांत अपने अनुभवों एवं नई जानकारियों के बारे में मंत्रिपरिषद के समक्ष अपनी प्रस्तुति देगा। सभी मंत्रियों को सोमवार व मंगलवार को अनिवार्य रूप से राजधानी में रहना होगा। शुक्रवार से रविवार तक अपने निर्वाचन क्षेत्र एवं प्रभार के जिलों में जनता के बीच रहने का कार्यक्रम बनाएं।

इन मंत्रियों को पकड़ाई गई मंडलों की कमान
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या- आगरा मंडल, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक - वाराणसी मंडल, सूर्य प्रताप शाही - मेरठ मंडल, सुरेश खन्ना - लखनऊ मंडल, स्वतंत्र देव सिंह- मुरादाबाद मंडल, बेबी रानी मौर्या - झांसी मंडल, चौधरी लक्ष्मी नारायण - अलीगढ़ मंडल, जयवीर सिंह- चित्रकूट धाम मंडल, धर्मपाल सिंह - गोरखपुर मंडल, नंदगोपाल गुप्ता 'नंदी'- बरेली, भूपेंद्र सिंह- मिर्जापुर मंडल, अनिल राजभर - प्रयागराज मंडल, जितिन प्रसाद- कानपुर मंडल, राकेश सचान - देवीपाटन मंडल, अरविंद शर्मा- अयोध्या मंडल, योगेंद्र उपाध्याय- सहारनपुर मंडल
आशीष पटेल- बस्ती मंडल और संजय निषाद को आजमगढ़ मंडल की जिम्मेदारी सौंपी गई है।












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