योगी सरकार ने बंद की जवाहरबाग कांड की न्यायिक जांच, सीबीआई के पास पहुंचा मामला
बीते साल 2 जून को जवाहर बाग में अवैध कब्जा जमाए उपद्रवियों और पुलिस के बीच कई घंटे चली मुठभेड़ में दो पुलिस अधिकारी और 22 उपद्रवी मारे गए थे।
लखनऊ। यूपी की योगी सरकार ने मथुरा के चर्चित जवाहरबाग कांड की न्यायिक जांच पर रोक लगा दी है। बीते साल 2 जून 2016 को हुए इस चर्चित कांड की जांच अब सीबीआई करेगी। राज्यपाल राम नाईक की ओर से गृह विभाग को मिले निर्देश के बाद जांच बंद कर दी गई है।

जवाहरबाग मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2 मार्च को सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। इस मामले कई याचिकाएं दायर की गई थीं, जिनमें सीबीआई से जांच कराने की मांग की गई थी। READ ALSO: गुजरात दंगा: माया कोडनानी के लिए फिर से कोर्ट में गवाही देने जाएंगे बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह?
22 लोग मारे गए, दो पुलिसकर्मी हुए थे शहीद
बीते साल 2 जून को जवाहर बाग में अवैध कब्जा जमाए उपद्रवियों और पुलिस के बीच कई घंटे चली मुठभेड़ में दो पुलिस अधिकारी और 22 उपद्रवी मारे गए थे। पार्क में अवैध कब्जा जमाए उपद्रवियों का अगुवा रामवृक्ष यादव भी उस कार्रवाई में मारा गया था। 15 मार्च 2014 को कुछ लोग उसके साथ मथुरा के जवाहर बाग में विरोध-प्रदर्शन के मकसद से आए थे। READ ALSO: पंजाब के CM अमरिंदर सिंह बोले- EVM से छेड़छाड़ होती तो मैं मुख्यमंत्री नहीं बनता
हाईकोर्ट ने दिया था खाली कराने का आदेश
रामवृक्ष यादव ने प्रदर्शन के लिए प्रशासन से दो दिनों की इजाजत ली लेकिन उसके बाद वहां से हटा नहीं और देखते ही देखते 270 एकड़ में फैले पार्क पर कब्जा कर लिया। उसमें वहां अपनी सेना बना ली और अपने तरीके से राज करता था। एक याचिका पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पार्क को खाली कराने का आदेश दिया था।
रामवृक्ष के समर्थकों ने पुलिस पर बोला था हमला
पार्क खाली कराने पहुंची पुलिस पर रामवृक्ष यादव के समर्थकों ने हथियारों से हमला किया। कार्रवाई के दौरान मथुरा के तत्कालीन एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी और एसओ संतोष कुमार यादव शहीद हो गए। घटना की जांच सही से न होने पर मुकुल द्विदेदी की पत्नी ने सीबीआई जांच की मांग की थी। कई याचिकाएं आने पर आखिरकार हाईकोर्ट ने जांच सीबीआई को सौंपने का आदेश दे दिया।












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