UP News: योगी सरकार का 'मास्टरस्ट्रोक'! होटल-रेस्टोरेंट में खाना परोसने वालों की होगी टीबी जांच
उत्तर प्रदेश को वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त बनाने के संकल्प के साथ योगी सरकार ने एक बड़ा सुरक्षा कवच तैयार किया है। सरकार ने अब प्रदेश के सभी होटल, रेस्टोरेंट और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए नियमित टीबी (Tuberculosis) जांच को अनिवार्य कर दिया है।
शनिवार को हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में इस 'टीबी मुक्त भारत अभियान' के तहत यह अहम फैसला लिया गया। योगी सरकार का मानना है कि पब्लिक डीलिंग और खाने-पीने से जुड़े क्षेत्रों में संक्रमण का खतरा सबसे ज्यादा होता है।

नए नियमों के मुताबिक:
- हास्पिटैलिटी सेक्टर: शहरी क्षेत्रों के सभी रेस्टोरेंट और होटलों के स्टाफ की स्क्रीनिंग जरूरी होगी।
- मेडिकल कॉलेज व अस्पताल: सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों के छात्रों के साथ-साथ अस्पतालों की रसोई (Kitchen) में काम करने वाले कर्मचारियों की भी अनिवार्य जांच होगी।
- शुरुआती पहचान: इस कदम से टीबी के लक्षणों को प्रारंभिक स्तर पर ही पहचान कर संक्रमण को फैलने से रोका जा सकेगा।
अपर मुख्य सचिव के सख्त निर्देश: 'सिर्फ स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं'
बैठक में अपर मुख्य सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) अमित कुमार घोष ने स्पष्ट किया कि टीबी उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग का काम नहीं है। उन्होंने निर्देश दिए कि:
- 1.मंथली मीटिंग: राज्य और जिला टीबी फोरम की हर महीने बैठक अनिवार्य होगी।
- 2.पोर्टल अपडेट: जिला टीबी फोरम की रिपोर्ट को नियमित रूप से सरकारी पोर्टल पर अपलोड करना होगा।
- 3.समयबद्ध उपचार: संदिग्ध मरीजों की जांच में देरी न हो और चिह्नित मरीजों को तुरंत वर्ल्ड क्लास ट्रीटमेंट दिया जाए।
सोशल मीडिया और 'टीबी चैंपियंस' का सहारा
सरकार अब समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने के लिए 'टीबी चैंपियंस' (जो टीबी को हरा चुके हैं) की मदद लेगी। इंटरनेट मीडिया और अन्य संचार माध्यमों के जरिए जागरूकता अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा। बैठक में महानिदेशक डॉ. रतन पाल सिंह सुमन और राज्य क्षय रोग अधिकारी डॉ. शैलेंद्र भटनागर समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।












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