गोमती रिवर फ्रंट पर चला योगी का डंडा, फिजूलखर्ची की मांगी रिपोर्ट
योगी आदित्यनाथ ने गोमती रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट की समीक्षा के दिए आदेश, समीक्षा की रिपोर्ट के साथ फिजूलखर्ची की भी मांगी रिपोर्ट
लखनऊ। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट गोमती रिवर फ्रंट पर योगी सरकार ने ब्रेक लगा दिया है। गोमती रिवर फ्रंट का काम पिछले दो सालों से चल रहा था और यह 60 फीसदी पूरा हो चुका है। रिवर फ्रंट का काम इसी वर्ष मई माह में पूरा होना है लेकिन इसके लिए आवंटित फंड लगभग समाप्त हो चुका है। इस प्रोजेक्ट के आखिरी पड़ाव में मुख्यमंत्री ने इस प्रोजेक्ट से अपनी असंतुष्टि जाहिर की है।

गोमती नदी में नहीं गिरेगा नाले का पानी
गोमती रिवर फ्रंट का दौरा करने पहुंचे योगी आदित्यनाथ ने इस प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार की नमामि गंगे योजना से जोड़ने को कहा है, मुख्यमंत्री ने इसके साथ ही यह भी निर्देश दिया है कि गोमती नदी में अब किसी भी सीवर या नाले का पानी नहीं गिरना चाहिए। अखिलेश यादव ने जब गोमती रिवर फ्रंट की शुरुआत की थी तो नदी के दोनों तरफ दीवार खड़ी किए जाने का विरोध हुआ था।

खटाई में पड़ा रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट
मुख्यमंत्री के साथ दौरे के दौरान मौजूद अधिकारियों ने बताया कि इस प्रोजेक्ट को मई माह में पूरा होना है और इसके लिए आवंटित कुल 1427 करोड़ रुपए में से 1500 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। लिहाजा इस प्रोजेक्ट को पूरा करने में और पैसे की जरूरत पड़ेगी। लेकिन मुख्यमंत्री ने इस पूरे प्रोजेक्ट की समीक्षा के आदेश दे दिए हैं, वहीं समीक्षा के बाद योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को उनके साथ बैठक करने को कहा है।

फिजूल खर्च का मांगा ब्योरा
सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री ने इस प्रोजेक्ट पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि पानी का फाउंटेन जैसी जैसी निरर्थक चीजों पर पैसा नहीं खर्च करना चाहिए, उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता नदी की सफाई होनी चाहिए। मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने कहा कि हम इस प्रोजेक्ट की समीक्षा करेंगे, वरिष्ठ अधिकारी इस प्रोजेक्ट को नमामि गंगे के साथ जोड़ने में मदद करेंगे। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट यहां पर्याप्त नहीं है, कम से कम दो और सीवेज प्लांट की जरूरत है।

सारे फ्री पास रद्द किए गए
जिस वक्त मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोमती रिवर फ्रंट का दौरा किया उस दौरान उनके साथ उप मुख्यंत्री दिनेश शर्मा सहित अन्य मंत्री सुरेश खन्ना, आशुतोष टंडन, रीता बहुगुणा जोशी, बृजेश पाठक, धर्मपाल सिंह, स्वाति सिंह भी मौजूद थी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि इस पूरे प्रोजेक्ट की समीक्षा की जाए और इसमें व्यर्थ खर्च के बारे में जानकारी दें। सूत्र की मानें तो सरकार ने सरकारी विभागों में आने के लिए लोगों को जो काफी अरसे से फ्री में पास दिया गया है उसे रद्द करने का आदेश दिया है, अब फिर से लोगों ने विधानसभा और सचिवालय के पास जारी किए जाएंगे।












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