Yoga Day 2023: यूपी के मदरसों में हजारों छात्रों ने किया योग, मुस्लिम धर्मगुरुओं के फरमान दिखे बेअसर
पूरी दुनिया में 21 जून को योग दिवस मनाया गया। जहां एक तरफ प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका में योग दिवस मनाया तो वहीं उत्तर प्रदेश के मदरसों में भी सभी मुसलमान छात्रों ने बड़े उत्साह के साथ योग दिवस मनाया। कई मदरसों में सबसे बेहतर योग करने के लिए छात्रों को पुरस्कृत भी किया गया। मुसलमान छात्रों पर समाजवादी पार्टी नेता शफीकुर्रहमान बर्क की उस अपील का कोई असर नहीं पड़ा, जिसमें उन्होंने मदरसों में मुसलमान छात्रों के द्वारा योग करने पर आपत्ति जताई थी।
मदरसों में मनाया गया योग दिवस
बता दें कि 20 जून को एक आदेश जारी करते हुए उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद ने सभी मदरसों में योग कार्यक्रम आयोजित कराने और उसकी रिपोर्ट परिषद से साझा करने का आदेश जारी किया था। जिसके चलते सभी मदरसों में योग दिवस पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी क्रम में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर अलीगढ़ के मदरसा चाचा नेहरू में अध्यापकों के साथ बच्चों ने योग किया। यह पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी की पत्नी सलमा अंसारी के अलीगढ़ में अल नूर चैरिटेबल ट्रस्ट के अधीन चलने वाला चाचा नेहरू मदरसा है। इस मदरसे में सभी धर्म के बच्चे शिक्षा ग्रहण करने आते हैं।

इस मदरसे में हर साल मनाया जाता है योग दिवस
अलीगढ़ के सिविल लाइन इलाके के चाचा नेहरू मदरसे में योग करते छात्र-छात्राएं हर धर्म से जुड़े हुए हैं। इसी मदरसे में प्रतिदिन बच्चों के लिए योग की क्लास भी आयोजित की जाती है। यह मदरसा आधुनिक तरीके से बच्चों को शिक्षा प्रदान करता है। साथ ही सभी धर्मों के बच्चों को सभी धर्म के पाठ्यक्रम भी इस मदरसे में पढ़ाए जाते हैं। वहीं मदरसा चाचा नेहरू में पढ़ने वाली छात्रा ने बताया कि इस मदरसा चाचा नेहरू में हर साल योग दिवस मनाया जाता है।

सपा नेता शफीकुर्रहमान बर्क को करारा जबाव
आपको बताते चलें कि सपा नेता शफीकुर्रहमान बर्क द्वारा मदरसों में मुसलमान छात्रों के द्वारा योग कराने को लेकर आपत्ति जताई गई थी। लेकिन उनकी इस आपत्ति पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. इफ्तिखार अहमद जावेद ने कहा कि योग किसी धर्म की विषयवस्तु नहीं है। आज दुनिया में 200 के करीब देश योग को अपना चुके हैं, इनमें 54 मुस्लिम राष्ट्र भी शामिल हैं। ऐसे में योग को किसी धर्म से जोड़ते हुए उसका विरोध करना बिल्कुल गलत है।

"इन जैसे लोगों की असलियत मुसलमान समझ चुका है"
साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि अब सांप्रदायिक राजनीति करने वाले शफीकुर्रहमान बर्क जैसे लोगों की असलियत मुसलमान समझ चुका है और वह अब उनके झांसे में नहीं आएगा। उन्होंने कहा कि वे केवल चर्चा में बने रहने के लिए इस तरह के आपत्तिजनक बयान देते हैं।












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