Yamuna Pushta Road Project: नोएडा में एक और एक्सप्रेसवे! यमुना पुश्ता रोड प्रोजेक्ट से किसे मिलेगा फायदा?
Yamuna Pushta Road Project: यमुना पुश्ता रोड प्रोजेक्ट दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए बड़ी राहत साबित होने वाली है। इस प्रोजेक्ट को अब "रिवरसाइड एक्सप्रेसवे" के रूप में विकसित किया जा रहा है। पर्यावरण के लिहाज से भी यह प्रोजेक्ट महत्वपूर्ण है। नोएडा से दिल्ली रोज आने-जाने वाले लोगों को इस एक्सप्रेसवे से फायदा मिलेगा और भारी जाम से भी राहत मिलेगी।
नोएडा और दिल्ली के बीच यातायात व्यवस्था को नियमित करने और ट्रैफिक दबाव कम करने के लिहाज से यह एक महत्वाकांक्षी इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है। इस प्रोजेक्ट के तैयार होने पर रोजाना लगने वाले भीषण जाम से राहत मिलेगी। दिल्ली से जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक सीधी और तेज कनेक्टिविटी भी मिलेगी।

Yamuna Pushta Road Project: यमुना पुश्ता रोड प्रोजेक्ट से कम होगा ट्रैफिक
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक दबाव कम करना है। मौजूदा एक्सप्रेसवे पर रोजाना करीब 5 लाख से ज्यादा वाहनों की आवाजाही है। इससे पीक आवर्स में लंबा जाम लग जाताह है और कभी-कभी यह जाम कई किमी का हो जाता है। रिवरसाइड एक्सप्रेसवे से ट्रैफिक डायवर्ट होगा और यात्रियों को एक वैकल्पिक रूट भी मिलेगा।
Yamuna Pushta Road Project: दिल्ली से नोएडा तक होगा एक्सप्रेसवे
- यह एक्सप्रेसवे करीब 28 से 30 किलोमीटर लंबा होगा। इसकी शुरुआत दिल्ली सीमा पर सेक्टर-94 (कालिंदी कुंज बैराज के पास) से होगी और यह नोएडा के सेक्टर-150 तक जाएगा।
- यहां से आगे यह यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। पर्यावरणीय संवेदनशीलता और यमुना के बाढ़ क्षेत्र को देखते हुए इसे एलिवेटेड रोड के रूप में प्रस्तावित किया गया है। इससे एक्सप्रेसवे का बहुत कम हिस्सा जमीन के संपर्क में रहेगा।
Yamuna Pushta Road Project Update: अभी कहां फंसा है मामला
जनवरी 2026 के पहले सप्ताह में उत्तर प्रदेश सरकार ने लखनऊ में इस प्रोजेक्ट के रोडमैप की समीक्षा की थी। लंबे समय से यह परियोजना अटकी हुई है। परियोजना के सामने सबसे बड़ी चुनौती सिंचाई विभाग की आपत्ति रही है। यमुना तटबंध के पास निर्माण से बाढ़ सुरक्षा ढांचे को खतरा होने की आशंका जताई गई थी। इसी वजह से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) मिलने में देरी हुई।
हालांकि, केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी इस प्रोजेक्ट को सैद्धांतिक मंजूरी दे चुके हैं। NHAI ने इसकी डीपीआर (DPR) भी तैयार कर ली है। अनुमान है कि इस परियोजना पर 3,000 से 4,000 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
Yamuna Pushta Road Project से किसे मिलेगा फायदा
- रिवरसाइड एक्सप्रेसवे से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और दिल्ली के लाखों यात्रियों को जाम से राहत मिलेगी। जेवर एयरपोर्ट तक पहुंचना तेज़ और सुविधाजनक होगा।
- इसके साथ ही सेक्टर-150, 151 और आसपास के इलाकों में रियल एस्टेट, व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
- इसी के समानांतर, दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) दिल्ली हिस्से में यमुना रिवरफ्रंट प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है, जिसे जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
- दोनों परियोजनाएं मिलकर एनसीआर के इंफ्रास्ट्रक्चर को नई मजबूती देने वाली साबित हो सकती हैं।












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