World Environment Day: Lucknow-Ayodhya समेत UP में लगेंगे 5 करोड़ पौधे, CM Yogi कुकरैल वन से देंगे नेतृत्व
World Environment Day: विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून को उत्तर प्रदेश पर्यावरण संरक्षण का नया रिकॉर्ड बनाने जा रहा है। राज्य सरकार के 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पूरे प्रदेश में 5 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) स्वयं लखनऊ के कुकरैल वन क्षेत्र से इस विशाल वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ करेंगे। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर आधारित है और जन-जन की भागीदारी से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होने वाला है।
यह अभियान सिर्फ पौधे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पर्यावरणीय चेतना, हरित आवरण वृद्धि और सस्टेनेबल डेवलपमेंट की दिशा में एक व्यापक प्रयास है। डिजिटल युग में जहां जलवायु परिवर्तन की चर्चा हर प्लेटफॉर्म पर है, उत्तर प्रदेश का यह पहल वैश्विक पर्यावरण दिवस को स्थानीय स्तर पर सार्थक बनाता है।

अभियान का स्वरूप और कार्यक्रम
शुक्रवार (5 जून) सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कुकरैल वन क्षेत्र पहुंचकर सबसे पहले एक पौधा लगाएंगे। वहां 200 से अधिक पौधे लगाए जाएंगे, जिसमें वन मंत्री अरुण सक्सेना और वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे। मुख्य कार्यक्रम लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित होगा, जहां सीएम की उपस्थिति में पर्यावरण संरक्षण पर चर्चा और वृक्षारोपण संबंधी गतिविधियां होंगी।
अभियान पूरे दिन चलेगा। राज्य के 17 नगर निगमों, 825 विकास खंडों, 762 शहरी स्थानीय निकायों और हजारों ग्राम पंचायतों में लाखों लोग पौधे लगाने में हिस्सा लेंगे। स्कूल-कॉलेज के छात्र, स्वयं सहायता समूह, एनजीओ और आम नागरिक सभी इस मुहिम का हिस्सा बनेंगे।
विभागवार और मंडलवार लक्ष्य: एक व्यवस्थित योजना
सरकार ने इस अभियान को बेहद व्यवस्थित तरीके से तैयार किया है। पूरे 18 मंडलों को अलग-अलग लक्ष्य दिए गए हैं:
- लखनऊ मंडल: 62.77 लाख पौधे (सबसे अधिक)
- बरेली: 32.21 लाख
- प्रयागराज: 32.17 लाख
- कानपुर: 31.83 लाख
- झांसी: 31.67 लाख
- चित्रकूट: 31.29 लाख
- अयोध्या: 30.41 लाख
- देवी पाटन: 29.34 लाख
अन्य मंडलों को भी महत्वपूर्ण लक्ष्य सौंपे गए हैं। विभागीय स्तर पर जिम्मेदारी इस प्रकार बांटी गई है:
ग्रामीण विकास विभाग: 3 करोड़ पौधे
- कृषि विभाग: 75 लाख
- वन विभाग: 50 लाख
- बागवानी विभाग: 50 लाख
- पंचायती राज विभाग: 20 लाख
- शहरी विकास विभाग: 5 लाख
ये पौधे अमृत सरोवरों, तालाबों, सड़कों, एक्सप्रेसवे, नदियों, नहरों के किनारे और उपलब्ध खाली भूमि पर लगाए जाएंगे। फोकस उन प्रजातियों पर होगा जो स्थानीय जलवायु के अनुकूल हों - जैसे नीम, पीपल, बरगद, शीशम, आम, महुआ आदि।
'एक पेड़ मां के नाम' - भावनात्मक अपील
यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की 'एक पेड़ मां के नाम' अपील से प्रेरित है। इसमें हर व्यक्ति अपनी मां के नाम पर एक पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण के साथ मातृ श्रद्धा भी व्यक्त करेगा। यह भावनात्मक जुड़ाव अभियान को जन आंदोलन बनाने में मदद करेगा।
Environment Day: पर्यावरण दिवस का महत्व क्या है? यहां समझें...
विश्व पर्यावरण दिवस 1972 के स्टॉकहोम सम्मेलन की याद में मनाया जाता है। हर साल संयुक्त राष्ट्र एक थीम चुनता है। उत्तर प्रदेश जैसे घनी आबादी वाले राज्य में वन क्षेत्र बढ़ाना, वायु प्रदूषण कम करना और जल संरक्षण बेहद जरूरी है।
उत्तर प्रदेश में पिछले वर्षों में वन क्षेत्र में वृद्धि हुई है, लेकिन बढ़ती शहरीकरण, औद्योगिक गतिविधियों और कृषि भूमि दबाव के कारण हरित आवरण को और मजबूत करने की जरूरत है। 5 करोड़ पौधे लगाना एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य है जो राज्य को ग्रीन कवर में नई ऊंचाई दे सकता है।
वृक्षारोपण के लाभ (विस्तार से समझें):
- 1. जलवायु परिवर्तन से मुकाबला: एक वयस्क पेड़ सालाना औसतन 20-30 किलो कार्बन डाइऑक्साइड सोखता है। 5 करोड़ पौधे लंबे समय में लाखों टन कार्बन को अवशोषित करेंगे।
- 2. वायु शुद्धिकरण: शहरों में PM2.5 और PM10 स्तर कम करने में मदद।
- 3. जैव विविधता संरक्षण: पक्षी, कीट और अन्य जीवों को आवास।
- 4. मिट्टी संरक्षण: जड़ें मिट्टी के कटाव को रोकती हैं, खासकर नदी किनारे।
- 5. आर्थिक फायदे: फलदार पेड़ किसानों की आय बढ़ाएंगे।
- 6. मानसिक स्वास्थ्य: हरे-भरे क्षेत्र तनाव कम करते हैं।
चुनौतियां क्या हैं?
बड़े लक्ष्य के साथ चुनौतियां भी हैं कि पौधों की गुणवत्ता, सिंचाई व्यवस्था, और 2-3 साल तक देखभाल। सरकार ने वन विभाग और अन्य एजेंसियों को इसकी जिम्मेदारी सौंपी है। ड्रिप इरिगेशन, मल्चिंग और कम्युनिटी मोनिटरिंग जैसे तरीके अपनाए जा सकते हैं।
एक हरित भविष्य की ओर
5 जून 2026 को उत्तर प्रदेश न सिर्फ 5 करोड़ पौधे लगाकर बल्कि पर्यावरण संरक्षण की नई संस्कृति का बीज बो रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नेतृत्व और जनता की भागीदारी इस अभियान को यादगार बनाएगी। प्रत्येक नागरिक से अपील है कि अपनी मां के नाम एक पौधा जरूर लगाएं और उसे बचाने का संकल्प लें। छोटे-छोटे प्रयास जब एकजुट होते हैं तो वे बड़े बदलाव लाते हैं। एक पेड़ मां के नाम - हरियाली का संकल्प, आने वाली पीढ़ियों का तोहफा।












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