आखिर क्यों मुलायम सिंह ने दूसरी पत्नी साधना और बेटे प्रतीक को राजनीति से रखा दूर

मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav)ने दो शादी की थी। उनकी दूसरी पत्नी का नाम साधना गुप्ता था। साधना और मुलायम सिंह का एक बेटा था, जिसका नाम प्रतीक यादव था। साधना और प्रतीक लंबे समय तक मीडिया से दूर रहे और लोगों के सामने कम आते थे। लेकिन पिछले कुछ सालों में धीरे-धीरे दोनों सुर्खियों में आए। कुछ महीने पहले ही साधना गुप्ता का निधन हो गया था। साधना गुप्ता के निधन पर मुलायम सिंह यादव भी अंतिम संस्कार में पहुंचे थे, हालांकि वह कार में बैठे हुए अंतिम दर्शन में शामिल हुए, लेकिन उनके चेहरे पर मायूसी साफ झलक रही थी।

मुलायम की पहली पत्नी मालती और बेटा अखिलेश

मुलायम की पहली पत्नी मालती और बेटा अखिलेश

मुलायम सिंह यादव की पहली पत्नी का नाम मालती देवी था। मालती देवी और मुलायम सिंह यादव को एक बेटा हुआ, जिनका नाम अखिलेश यादव है। मालती देवी मुलायम सिंह यादव की पहली पत्नी थीं और उनका पहला बेटा अखिलेश यादव था। अहम बात यह है कि मुलायम सिंह साधना गुप्ता के साथ मालती देवी से शादीशुदा रहते हुए रिश्ते में आए थे। फरवरी 2007 तक कम ही लोग साधना गुप्ता के बारे में जानते थे। जब मुलायम सिंह ने खुद सुप्रीम कोर्ट में अपने इस रिश्ते को स्वीकार किया था। प्रतीक यादव साधना गुप्ता के पहले पति चंद्र प्रकाश गुप्ता के बेटे थे।

2003 में मुलायम ने की दूसरी शादी

2003 में मुलायम ने की दूसरी शादी

मुलायम सिंह यादव के साथ संबंध में आने के बाद साधना गुप्ता ने अपने पति को तलाक दे दिया था। मुलायम सिंह यादव और साधना गुप्ता के बीच रिश्ता अस्सी के दशक से था। लेकिन 2003 में एक साधारण समारोह में साधना गुप्ता से मुलायम सिंह ने शादी की थी। मुलायम सिंह की पहली पत्नी मालती देवी का 1999 में निधन हो गया था, जिसके बाद मुलायम सिंह साधना गुप्ता से शादी की थी। जब मुलायम सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में इस शादी के बारे में जानकारी दी और आय से अधिक संपत्ति के एक मामले में उन्होंने साधना गुप्ता को अपनी पत्नी बताया और प्रतीक को अपना बेटा बताया।

साधना को नेताजी ने आने से रोका

साधना को नेताजी ने आने से रोका

साधना गुप्ता खुद राजनीति में आना चाहती थीं, लेकिन मुलायम सिंह यादव इसके पक्ष में नहीं थे, यही वजह है कि साधना गुप्ता कभी भी सक्रिय राजनीति में नहीं आईं। साधना गुप्ता ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा भी था कि मैं राजनीति में आना चाहती थी, लेकिन मुलायम सिंह यादव ने इसकी अनुमति नहीं दी। लेकिन अब मैं राजनीति में नहीं आना चाहती हूं। उन्होंने कहा कि सबकुछ समय पर निर्भर है, इसके लिए किसी को भी जिम्मेदार नहीं ठहराना चाहिए। साधना गुप्ता पर आरोप लगे थे कि उन्होंने यादव परिवार को तोड़ने का काम किया, जिसपर उन्होंने कहा यह सब बकवास है, मैंने हमेशा इस परिवार को एकजुट करने का काम किया।

प्रतीक यादव राजनीति से क्यों दूर

प्रतीक यादव राजनीति से क्यों दूर

वहीं प्रतीक यादव की बात करें तो प्रतीक बिजनेसमैन हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि मेरी राजनीति में कोई रुचि नहीं है। मैं शुरू से ही अपना बिजनेस करना चाहता था। मैं राजनीति में नहीं आना चाहता था, मैं कुर्ता-पायजामा में नहीं रहना चाहता था, मुझे कुर्ता-पायजामा पहनकर क्षेत्र में घूमने का कोई शौक नहीं है। मैं पहले से इस बात को लेकर स्पष्ट था का मैं राजनीति में नहीं आना चाहता, अपना बिजनेस करना चाहता हूं। मेरी पत्नी अपर्णा बिष्ट राजनीति में है, यह उसका फैसला है, हमारे परिवार में हर किसी को अपना फैसला लेने की आजादी है।

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