Atiq Ahmed Murder: पुलिस की ये पांच मजबूरी, जिसकी वजह से नहीं चला सकी गोली
Atiq Ahmed Murder: अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या ने यूपी पुलिस के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। राज्य सरकार की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं।

Atiq Ahmed Murder: माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या के बाद से अब उत्तर प्रदेश पुलिस पर भी कई सवाल उठ रहे हैं। लोग पूछ रहे हैं कि आखिर ऐसी क्या मजबूरी थी जो पुलिस उस समय कोई एक्शन नहीं ले सकी। तो चलिए आज हम आपको बताते हैं आखिर पुलिस की कौन सी पांच मजबूरी रही होगी जिससे वह गोली नहीं चला सकी?
मीडियाकर्मियों की भीड़
जिस जगह पर अतीक अहमद (Atiq Ahmed) और उसके भाई अशरफ अहमद का लाया गया था वहां मीडियाकर्मियों की काफी भीड़ थी। अगर पुलिस अचानक फायर करने लगती तो कई मीडियाकर्मी भी इसकी चपेट में आ सकते थे।
पुलिस को अचानक कुछ समझ नहीं आया (Atiq Ahmed Murder)
पुलिस को थोड़ा भी इसका अंदाजा नहीं था कि अचानक हमला हो जाएगा। उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि आखिर कोई मीडियाकर्मी के वेष में आकर इस तरह से हमलों को अंजाम दे देगा। जैसे ही हमलावर ने हमला किया कुछ पुलिस वाले अपनी जान बचाने में भी लग गए। क्योंकि तीनों हमलावर चारों तरफ से फायरिंग करने लगे।
पुलिस पूरी तरह से अटैकिंग मूड में नहीं थी खड़ी
पुलिस पूरी तरह से अटैकिंग मूड में नहीं थी क्योंकि वीडियो में देखा जा सकता है कि सभी पुलिसकर्मी नॉर्मल मूड में दिख रहे थे। हालांकि एक-दो पुलिस वालों ने रोकने की कोशिश की लेकिन वह कोशिश असफल हो गई।
अंधेरे में फायरिंग अन्य लोगों को हो सकता था नुकसान
अंधेरे में फायरिंग से कई मीडियाकर्मियों और आम लोगों को नुकसान हो सकता था। क्योंकि तीनों हमलावर चारों तरफ से फायरिंग कर रहे थे।
हमलावर भागे नहीं बल्कि 5 मिनट के भीतर कर दिया सरेंडर (Atiq Ahmed Murder)
पुलिस के फायरिंग नहीं करने की पीछे वजह यह भी होगी कि हमलावर पुलिस को चकमा देकर भागे नहीं बल्कि 5 मिनट के भीतर जय श्रीराम के नारे लगाकर सरेंडर कर दिया।
जिंदा पकड़ना हो मकसद
पुलिस ने इसलिए भी फायरिंग नहीं कि क्योंकि हो सकता है कि तीनों के मर्डर के बाद सबूत मिट जाते। आखिर तीनों को किसने भेजा। किस उद्देश्य से भेजा गया था?












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