बाबा साहब के संविधान पर ऐश कर रही भाजपा की लोकसभा चुनाव में होगी राजनीतिक नसबंदी- रावण

सहारनपुर। शब्बीरपुर हिंसा में प्रशासन द्वारा रासुका के तहत जेल भेजे गए भीम आर्मी एकता मिशन के संस्थापक चंद्रशेखर रावण को करीब डेढ़ साल बाद रिहा कर दिया गया। रिहा होने के बाद घर पहुंचे रावण ने सरकार को जमकर खरी-खोटी सुनाई। रावण ने कहा कि प्रशासन केंद्र व प्रदेश सरकार के हाथों की कठपुतली बनकर रह गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा की दलित विरोधी मानसिकता के चलते ही उन्होंने बेकसूर होते हुए भी अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा जेल में गुजारा है। उन्होंने कहा कि वे लोकसभा चुनाव में भाजपा को हराने की कोशिश करेंगे और ऐसे वह भाजपा की राजनीतिक नसबंदी कराएंगे।

गांव में जमकर हुआ स्वागत

गांव में जमकर हुआ स्वागत

अपने गृह ग्राम छुटमलपुर में पहुंचे रावण का कार्यकर्ताओं ने फूल मालाओं से लाद कर स्वागत किया। उनसे मिलने पहुंची महिलाओं व बुजुर्गों की आंखों में आंसू दखकर रावण ने कहा कि जब आपका बेटा इतने दिन जेल में रहने के बाद नहीं रोया तो आप लोग रोकर मेरा मनोबल कम न करें। सुबह होते ही उनके हरिजन कॉलोनी आवास पर लोगों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया था। मीडिया से घिरे रावण ने कहा कि उन्हें केवल शब्बीरपुर के बाद हुए बवाल में भीड़ को शांत करने के लिए बुलाया गया था लेकिन उन्हें दलित विरोधी मानसिकता वाली प्रदेश सरकार द्वारा पहले से रचे गए षडयंत्र के तहत प्रशासन ने उन्हें पूरी तरीके से झूठे मामलों में संलिप्त कर जेल में डाल दिया गया और जब उन्हें सभी मामलो में जमानत मिल गई तो रातों रात उन पर बिना किसी ठोस कारण के रासुका लगा कर आवाज को दबाने का हर संभव प्रयास किया गया।

जेल में अधिकारी भाजपा के इशारे पर व्यवहार कर रहे थे

जेल में अधिकारी भाजपा के इशारे पर व्यवहार कर रहे थे

रावण ने सवाल किया कि यदि कोई घर में घुसकर उनकी मां बहन व भाई के साथ दुर्व्यवहार करता है तो उसका मुकाबला करना हिंसा की किसी भी श्रेणी में नहीं आता बल्कि संविधान भी अपना बचाव करने की इजाजत देता है। अपने जेल में रहने का अनुभव साझा करते हुए आर्मी प्रमुख ने कहा कि जेल में मेरे साथ ऐसा व्यवहार किया गया जैसे किसी पेशेवर अपराधी के साथ किया जाता है। मुझे न तो अच्छा खाने की इजाजत थी और न ही सामान्य दिनचर्या गुजारने की। यहां तक कि शुरू में मेरे से किसी के मिलने पर भी रोक लगा दी गई। जेल में मेरे साथ अधिकारी भाजपा के इशारे पर व्यवहार कर रहे थे।

मेरी रिहाई कार्यकर्ताओं के संघर्ष का परिणाम

मेरी रिहाई कार्यकर्ताओं के संघर्ष का परिणाम

रासुका हटने के बाद जेल से रिहा होकर घर पहुंचे रावण ने कहा कि मेरे जेल जाने के बाद जिस प्रकार से मेरे समाज व आर्मी कार्यकर्ताओं ने एकजुटता दिखाते हुए लंबा संघर्ष किया वह वास्तव में काबिले तारीफ है जिसकी नजीर मिलना मुश्किल है और इसी के परिणाम स्वरूप मुझे रिहाई मिली है।

 भाजपा की जाएगी राजनीतिक नसबंदी

भाजपा की जाएगी राजनीतिक नसबंदी

भाजपा को दलित विरोधी बताने वाले भीम आर्मी एकता मिषन के संस्थापक चंद्रशेखर रावण ने कहा कि बाबा साहेब के बनाए संविधान के बल पर ऐश परस्त भाजपा को आने वाले लोकसभा चुनावों में सबक सिखाने के साथ ही उसकी राजनीतिक नसबंदी की जाएगी।

उपचुनाव में चुनाव लड़ने के लिए था न्योता

उपचुनाव में चुनाव लड़ने के लिए था न्योता

रावण ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यदि उन्हें राजनीति करनी होती तो फूलपुर, कैराना व गोरखपुर के उपचुनाव में मुझे चुनाव लड़ने का न्यौता था लेकिन मैं केवल अपने समाज के साथ ही अन्य शोषित समाज के मान सम्मान की लड़ाई बिना राजनीति में उतरे ही करना चाहता हूं।

बुआ पीएम बनें तो मेरा सीना गर्व से चौड़ा होगा

बुआ पीएम बनें तो मेरा सीना गर्व से चौड़ा होगा

बसपा प्रमुख मायावती के पीएम बनने के सवाल पर रावण ने मुस्कुराते हुए कहा कि माया जी मेरे ही समाज से हैं और मेरा और उनका खून एक ही है इसलिए अगर बुआ जी पीएम बनीं तो मेरा सीना गर्व से चौड़ा होगा।

 भाजपा को हराने वाले को देंगे वोट

भाजपा को हराने वाले को देंगे वोट

आने वाले चुनावों में किसे स्पोर्ट करेंगे इस सवाल का सीधे जवाब दिए बिना उन्होंने केवल इतना कहा कि दलित और विकास विरोधी भाजपा को हराने वालों को ही मैं अपना वोट दूंगा। वह चाहे गठबंधन प्रत्याशी हो या फिर कोई अन्य। अपने ऊपर रासुका लगाने को रावण ने प्रदेश की भाजपा सरकार की दलित विरोधी मानसिकता का परिचायक बताते हुए कहा कि आज शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में रासुका पर सुनवाई होनी थी और वहां से प्रदेश सरकार को लताड़ मिलती और उसकी पोल खुल जाती। इसी बेइज्जती व मेरे समाज द्वारा मेरी रिहाई न होने पर बड़े आंदोलन के डर से उसे ओदश देने पड़े।

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