वाराणसी: बाल मजदूरी करवा रहे हैं बीजेपी प्रत्याशी सौरभ श्रीवास्तव

बीजेपी के कैंट विधानसभा से बीजेपी प्रत्याशी सौरभ श्रीवास्तव ने उनके घर के सामने बने पार्क में ही नन्हे-मुन्ने हाथों से पार्टी के झंडे तैयार करवाए हैं।

वाराणसी। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भले ही गांव, गरीब और आम आदमी के अधिकारों की बात करते हैं। लेकिन उन्ही के संसदीय क्षेत्र काशी में बीजेपी के ही प्रत्याशी खुलेआम गरीबी का मजाक उड़ाने के साथ ही बाल श्रम कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं। दरअसल, बीजेपी प्रत्याशी सौरभ श्रीवास्तव खुलेआम मासूम बच्चों के अधिकारों का हनन कर रहे हैं। बीजेपी से कैंट विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशी और पूर्व मंत्री स्वर्गीय हरीश चन्द्र श्रीवास्तव के बेटे सौरभ श्रीवास्तव नन्हे-मु्न्ने हाथों से पार्टी का झंडा तैयार करवा रहे हैं। वहीं, मामले को देखते हुए डीएम योगेस्वर राम मिश्र ने श्रम विभाग को जांच कराने के बाद कार्रवाई का आदेश दिया है। ये भी पढ़ें: RSS विचारक ने कहा कि किसानों की आत्महत्या पर केंद्र सरकार की नीतियां विफल
नन्हे-मुन्ने हाथों से तैयार करवाए पार्टी के झंडे

नन्हे-मुन्ने हाथों से तैयार करवाए पार्टी के झंडे

कैंट विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशी सौरभ श्रीवास्तव का आवास ग्रह महमूरगंज स्थित शिवाजी नगर में है और उनके घर के ठीक सामने ये अपना पार्क है जहां गरीब मासूम बच्चें बीजेपी का झंडा तैयार करने में जुटे हुए हैं। इन बच्चों को तो ये भी पता नहीं होगा कि पार्टी किसे कहते है और चुनाव क्या होता है लेकिन ये बच्चें पेट की आग को बुझाने के लिए चुनाव में नेताओं की जीत के लिए महती भूमिका अदा कर रहे हैं। मैदान में एक नहीं आधा दर्जन से ज्यादा आठ वर्ष से भी कम उम्र के बच्चें झंडा तैयार कर रहे हैं।

बच्चों ने कहा सौरभ भईया देंगे 350 रुपये

बच्चों ने कहा सौरभ भईया देंगे 350 रुपये

अब बच्चे तो बच्चे होते हैं जिस काम को आज आम कार्यकर्ता भी नहीं करना चाहता है तो वहीं ये बच्चे इस काम को पूरी मस्ती के साथ हस्ते खेलते कर रहे हैं। इन मासूम बच्चों से जब पूछा गया कि वे इस पार्क में क्या कर रहे थे तो इन मासूमों ने बड़ी ही ईमानदारी और साफगोई से बताया कि वे तो पांच घंटे से झंडा बना रहे थे जिसके ऐवज में उनके सौरभ भईया 350 रुपये देंगे।

गरीब होने का उठाया जा रहा है फायदा

गरीब होने का उठाया जा रहा है फायदा

नेता हर पांच साल के बाद जब चुनाव प्रचार में उतरता है तो उसे गरीब याद आता है और वे गरीबों को बड़े-बड़े सपने दिखा कर वोट मांगता है लेकिन नेताओं की नजर में गरीबों की अहमियत क्या होती है इन बच्चों को देखकर आसानी से पता लगाया जा सकता है। गरीबी की लाचारी देखिए जहां एक तरफ इसी पार्क में बड़े अमीर घर के और खुद बीजेपी प्रत्याशी सौरभ श्रीवास्तव के घर के बच्चें खेलने के लिए आते हैं तो वहीं दूसरी तरफ इन गरीब बच्चों की बेबसी और लाचरी ही तो है कि ये पार्क में तो मौजूद है लेकिन खेल नहीं सकते हैं क्योंकि ये गरीब के बच्चें हैं और इन्हें पेट पालने के लिए कुछ काम करना पड़ेगा। नेता तो हमेशा ही इस फिराक में रहता है कि वह गरीब का किस तरह से इस्तेमाल करके फायदा कमा सके।

सवाल करने पर चुपचाप निकल गए सौरभ श्रीवास्तव

सवाल करने पर चुपचाप निकल गए सौरभ श्रीवास्तव

वहीं, जब इस मामले पर चुनाव मैदान में उनके खिवलाफ खड़ें प्रत्याशी से पूछा गया तो उन्होंने तुरंत जवाब दिया कि ये तो बाल श्रम कानून का उल्लघंन है और दोषी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं इस बाबत जब प्रत्याशी सौरभ श्रीवास्तव से बात करने की कोशिश की गयी तो व्यस्तता का बयाना देते हुए आगे बढ़ गये। ये भी पढ़ें: भाजपा विधायक बोले- सब्सिडी चाटने वाले किसान मरे हैं, असली नहीं मरता

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